ग्वालियर ।मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर के लिए यह गर्व का क्षण है! युवा ऑलराउंडर अनुष्का शर्मा ने वुमेन प्रीमियर लीग WPL में धमाकेदार एंट्री कर ली है। गुरुवार को हुए ऑक्शन में, उन्हें गुजरात जायंट्स GGने 45 लाख रुपये की बोली लगाकर अपनी टीम में शामिल किया। अनुष्का WPL में खेलने वाली ग्वालियर की पहली महिला खिलाड़ी बनकर इतिहास रच चुकी हैं। वह अब तक मध्य प्रदेश की सीनियर टीम का प्रतिनिधित्व कर रही थीं और अब गुजरात जायंट्स के लिए अपनी प्रतिभा का जौहर दिखाएंगी।
उम्मीदों पर खरी उतरी मेहनत
अनुष्का के इस चयन से उनका परिवार, दोस्त और साथी खिलाड़ी खुशी से झूम उठे हैं। अनुष्का खुद मानती हैं कि उन्हें इस चयन की उम्मीद थी, क्योंकि वह लगातार मैदान पर सख्त मेहनत कर रही थीं। उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में अपनी बैटिंग बॉलिंग और फील्डिंग तीनों पर अथक काम किया है जिससे वह खुद को एक बेहतर ऑलराउंडर के रूप में स्थापित कर पाई हैं। टीम में अपनी भूमिका पर, अनुष्का का कहना है कि वह गुजरात जायंट्स के लिए किसी भी प्लेस पर खेलने को तैयार हैं और अपना शत प्रतिशत देंगी। हालांकि, उनकी पसंदीदा जगह मध्य क्रम Middle Order है, जहां वह एक परफेक्ट ऑलराउंडर की भूमिका निभाकर टीम को बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग में संतुलन Balance प्रदान कर सकें और टीम को WPL का खिताब दिला सकें।
घर की छत से मैदान तक का सफर
अनुष्का की सफलता के पीछे उनके परिवार का अटूट समर्थन रहा है। उनके भाई आयुष शर्मा और पिता ब्रजमोहन शर्मा ने बताया कि अनुष्का का क्रिकेट के प्रति जुनून बचपन से ही था। प्रेरणा स्रोत: अनुष्का की क्रिकेट में रुचि तब जगी, जब उन्होंने 2010 में अपने बड़े भाई आयुष को क्रिकेट खेलते देखा। शुरुआत में दोनों भाई-बहन घर की छत पर ही क्रिकेट खेला करते थे।पारिवारिक योगदान: अनुष्का की सफलता में उनकी माँ नीलम शर्मा और भाई आयुष का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। आयुष ने ही सबसे पहले अनुष्का की क्रिकेट प्रतिभा को पहचाना था।
सफलता की सीढ़ियाँ
अनुष्का के शुरुआती प्रदर्शन ने जल्द ही उनकी प्रतिभा को साबित कर दिया। शुरुआत: उन्होंने कंपू के मेला हॉकी स्टेडियम में एक कैंप में लड़कों की टीम के बीच अकेली लड़की के रूप में भाग लिया और उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। पहला ख़िताब: वर्ष 2017 में, मध्य प्रदेश की अंडर-16 टीम में शामिल होते ही उन्होंने अपने पहले ही टूर्नामेंट में सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर का खिताब जीता। नेतृत्व: इसके बाद, उन्होंने मध्य प्रदेश और फिर बीसीसीआई की अंडर-19 चैंपियनशिप में टीम की कप्तानी की और अपने शानदार प्रदर्शन से टीमों को जीत दिलाई। पूरे परिवार को विश्वास है कि अब अनुष्का भारतीय सीनियर टीम का हिस्सा बनकर देश और अपने शहर का नाम रोशन करेंगी।
एक झलक निजी जीवन पर
2003 में ग्वालियर के माधव नगर में जन्मी अनुष्का की कुछ अन्य निजी जानकारियां भी सामने आई हैं: शिक्षा: उन्होंने शिवपुरी लिंक रोड स्थित दिल्ली पब्लिक वर्ल्ड स्कूल से स्कूली शिक्षा प्राप्त की और वर्तमान में झांसी हाईवे रोड स्थित आईटीएम कॉलेज से बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन B.P.Ed. के अंतिम वर्ष में हैं। खान-पान: उन्हें पनीर, दही, दाल-चावल, बेनों डोसा और इडली विशेष रूप से पसंद है। आध्यात्मिक आस्था: उन्हें पंजाबी गाने और भजन सुनना पसंद है। जब भी वह ग्वालियर आती हैं, तो फुलवा गुरुद्वारे के पास स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर जाकर हनुमान चालीसा का पाठ करना नहीं भूलतीं। WPL में अनुष्का का चयन उनके वर्षों के समर्पण और कड़ी मेहनत का परिणाम है। पूरा देश अब उन्हें गुजरात जायंट्स की जर्सी में मैदान पर कमाल करते देखने के लिए उत्साहित है।
