बिसाऊ। पश्चिम अफ्रीका (West Africa) के छोटे से देश गिनी-बिसाऊ (Guinea-Bissau) में रविवार को हुए राष्ट्रपति व संसदीय चुनाव (Presidential and Parliamentary elections) के महज तीन दिन बाद सेना ने तख्तापलट कर सत्ता अपने हाथ में ले ली। नवनिर्वाचित माने जा रहे राष्ट्रपति उमारो सिस्सोको एम्बालो (President Umaro Sissoko Embalo) को पद से हटा दिया गया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। सैनिकों ने सरकारी टेलीविजन पर तख्तापलट की औपचारिक घोषणा की और खुद को ‘राष्ट्रीय एवं सार्वजनिक व्यवस्था बहाली के लिए उच्च सैन्य कमान’ घोषित कर दिया।
बुधवार दोपहर को राजधानी बिसाऊ में राष्ट्रपति भवन के आसपास गोलीबारी की आवाजें सुनाई दी थीं। फ्रांस के प्रमुख समाचार माध्यम ‘ज्यून अफ्रीक’ के अनुसार, राष्ट्रपति एम्बालो ने खुद बताया कि सेना प्रमुख ने तख्तापलट कर उन्हें सत्ता से बेदखल कर गिरफ्तार कर लिया है। फ्रांस 24 से बातचीत में उन्होंने कहा कि मुझे पद से हटा दिया गया है।
सेना का दावा
उच्च सैन्य कमान के प्रवक्ता कर्नल दिनिस एन’चामा ने बयान जारी कर कहा कि चुनावी परिणामों में बड़े पैमाने पर धांधली और देश को अस्थिर करने की एक गुप्त साजिश का पता चलने के बाद यह कदम उठाना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस साजिश में कुछ राजनीतिक नेता, एक कुख्यात ड्रग तस्कर और देशी-विदेशी नागरिक शामिल थे। परिणामस्वरूप राष्ट्रपति को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया तथा गिनी-बिसाऊ की सभी संवैधानिक संस्थाओं को अगले आदेश तक निलंबित कर दिया गया है।
चुनावी विवाद
रविवार को हुए चुनाव में मौजूदा राष्ट्रपति उमारो सिस्सोको एम्बालो और विपक्षी उम्मीदवार फर्नांडो डायस दा कोस्टा दोनों ने मंगलवार को अपनी जीत का दावा किया था। आधिकारिक अस्थायी परिणाम गुरुवार को आने थे, लेकिन अब सेना ने पूरी चुनावी प्रक्रिया ही स्थगित कर दी है।
राजधानी में मौजूदा हालात
एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक गुरुवार को बिसाऊ की सड़कें लगभग खाली थीं। सैनिक गश्त कर रहे थे, सभी सीमाएं सील कर दी गईं, राष्ट्रपति हिरासत में हैं और राष्ट्रपति भवन पर सशस्त्र सैनिकों का कब्जा है। अधिकारियों ने दावा किया है कि उनके पास ‘पूर्ण नियंत्रण’ है और अब कोई चुनावी परिणाम घोषित नहीं होगा।
गिनी-बिसाऊ: तख्तापलटों का पुराना इतिहास
1974 में पुर्तगाल से आजादी मिलने के बाद से गिनी-बिसाऊ में दर्जनों तख्तापलट और तख्तापलट के प्रयास हो चुके हैं। सिर्फ पिछले महीने (अक्टूबर 2025) में भी एक असफल कोशिश हुई थी। दक्षिण अमेरिका से यूरोप जाने वाले कोकीन तस्करी के प्रमुख रास्ते के कारण इस देश में पिछले डेढ़-दो दशक से राजनीतिक अस्थिरता और गहराई है।
