मध्य प्रदेश । नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा स्थित एनटीपीसी थर्मल पावर प्लांट में एक और दर्दनाक हादसा सामने आया है, जिससे एक ट्रक ड्राइवर की मौत हो गई। यह घटना डोंगरगांव थाना क्षेत्र के उस क्षेत्र में हुई जहां फ्लाई ऐश राख डस्ट का विशाल ढेर रखा हुआ था। अचानक इस ढेर का एक हिस्सा धंसने से ट्रक चालक दब गया और उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। इस हादसे ने प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था डस्ट प्रबंधन और मजदूरों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
मृतक चालक की पहचान वीरेंद्र चढ़ार 30 वर्ष निवासी ग्राम मुरारी, जिला सागर के रूप में की गई है। वह गुरुवार को सामान्य प्रक्रिया के तहत ट्रक लेकर राखड़ क्षेत्र में लोडिंग के लिए पहुंचे थे। उन्होंने ट्रक को खड़ा किया और जैसे ही वह काम में जुटे अचानक पास का राख का विशाल ढेर ध्वस्त हो गया। ढेर के ढहने से वीरेंद्र पूरी तरह उसमें समा गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
दूसरी सुरक्षा चूक और कार्यप्रणाली पर सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर एनटीपीसी के गाडरवारा थर्मल पावर प्लांट में सुरक्षा व्यवस्था की घोर विफलता को उजागर किया है। यह पहला मौका नहीं है, जब यहां सुरक्षा उपायों में खामियां सामने आई हों। पहले भी यहां कई बार मजदूरों की सुरक्षा के सवाल उठ चुके हैं लेकिन प्रशासन और प्रबंधन की ओर से इन खामियों को सुधारने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
सवाल यह भी उठता है कि क्या डस्ट प्रबंधन के लिए सही उपाय किए गए थे फ्लाई ऐश के ढेर का अचानक ध्वस्त होना एक गंभीर लापरवाही को दर्शाता है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। ऐसे हादसे केवल मजदूरों के जीवन को ही नहीं बल्कि पूरे कार्य स्थल पर सुरक्षा की विश्वसनीयता को भी संकट में डालते हैं।
प्रशासन और प्रबंधन की भूमिका पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद डोंगरगांव थाना प्रभारी प्रकाश पाठक ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं एनटीपीसी के अधिकारियों ने भी घटना पर दुख जताया और कहा कि वे इस मामले की जांच करेंगे और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे।
हालांकि स्थानीय निवासी और मजदूर संघों का कहना है कि इस प्रकार के हादसों को रोकने के लिए सिर्फ जांच ही नहीं बल्कि सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने की जरूरत है। उन्हें उम्मीद है कि इस हादसे के बाद सुरक्षा उपायों में सुधार किया जाएगा ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
आखिरकार यह हादसा क्यों हुआ
यह सवाल अब स्थानीय समुदाय और मीडिया में चर्चा का विषय बन गया है। क्या यह एक कार्यक्षेत्र में सुरक्षा के प्रति लापरवाही का परिणाम था या फिर प्लांट की ओर से कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल की कमी थी खैर यह जांच का विषय है लेकिन इस घटना ने निश्चित रूप से मजदूरों की सुरक्षा के मुद्दे को फिर से उजागर किया है।
इस तरह के हादसे न केवल प्रभावित व्यक्ति के परिवार के लिए दर्दनाक होते हैं बल्कि पूरे कार्यस्थल की सुरक्षा और कार्यशैली पर भी सवाल खड़ा करते हैं। यह घटना एक महत्वपूर्ण सबक है जो हमें यह याद दिलाती है कि सुरक्षा व्यवस्था में कोई भी लापरवाही नहीं होनी चाहिए खासकर जब बात मानव जीवन की हो।
