नई दिल्ली/ पटना।भारतीय जनता पार्टी भाजपा की बिहार इकाई के अध्यक्ष और राज्य सरकार के मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने मौलाना महमूद मदनी द्वारा दिए गए ‘जिहाद’ वाले बयान पर रविवार को करारा जवाब दिया। मंत्री ने कहा कि भारत एक शांति और भाईचारे वाला देश है और इस तरह की भाषा को देश बर्दाश्त नहीं करता। उन्होंने साथ ही जोर देकर कहा कि जो लोग इस तरह के बयान देते हैं, उन्हें संविधान और लोकतंत्र पर भरोसा रखना चाहिए।
दिलीप कुमार जायसवाल ने आईएएनएस से बातचीत में कहा ऐसी भाषा का इस्तेमाल करने वाले लोगों को देश के संवैधानिक मूल्यों और लोकतांत्रिक व्यवस्था का सम्मान करना चाहिए। भारत हमेशा भाईचारे और सहिष्णुता का प्रतीक रहा है और कोई भी व्यक्ति यदि इसको चुनौती देता है तो वह देश की भावनाओं के खिलाफ जाता है।
मौलाना मदनी के बयान का संदर्भ
मौलाना महमूद मदनी ने शनिवार को भोपाल में आयोजित प्रबंधन कमेटी की बैठक में देश की वर्तमान परिस्थितियों को संवेदनशील और चिंताजनक बताया। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि एक विशेष समुदाय को जबरदस्ती निशाना बनाया जा रहा है। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा जब-जब जुल्म होगा, तब-तब जिहाद होगा। उनके इस बयान ने सामाजिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी और बीजेपी नेताओं ने इसे निंदनीय बताया।
बीएलओ के लिए डबल सैलरी की तारीफ
इस मौके पर मंत्री जायसवाल ने चुनाव आयोग द्वारा बीएलओ ब्लॉक लेवल ऑफिसर के लिए डबल सैलरी की घोषणा पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे सही कदम बताया और कहा कि बीएलओ का काम बहुत मेहनत और जिम्मेदारी मांगता है। जायसवाल ने कहा, बीएलओ अपनी ड्यूटी पूरे समर्पण के साथ निभा रहे हैं। चुनाव आयोग का यह फैसला उन्हें प्रोत्साहित करेगा और उनके काम को सम्मान देगा।
प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता की सराहना
इसके अलावा मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेताओं में से एक हैं। मन की बात कार्यक्रम के जरिए मोदी देश के लोगों के साथ देश की प्रगति और उपलब्धियां साझा करते हैं। मंत्री ने कहा हर एपिसोड युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है किसानों के लिए खुशहाली का संदेश देता है और ग्रामीण इलाकों तथा पिछड़े क्षेत्रों के लोगों की प्रतिभा और उपलब्धियों को उजागर करता है। इससे हमें बहुत मोटिवेशन मिलता है।दिलीप कुमार जायसवाल ने साफ कर दिया है कि भारत में शांति और सहिष्णुता सर्वोपरि हैं। किसी भी व्यक्ति या समुदाय को ऐसे बयान देने की आज़ादी नहीं है जो देश की एकता और सामाजिक सौहार्द को चुनौती दे। साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग के निर्णय और प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की भी सराहना की जो देश और समाज के विकास में योगदान देने वाले पहलुओं को उजागर करते हैं।
