करैरा :- दिनांक 28/11/25 को रेलवे सुरक्षा बल नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी।
रेलवे सुरक्षा बल नई दिल्ली रेलवे स्टेशन की टीम ने सफदरगंज रेलवे स्टेशन से, एक आरोपी बलवंत तूर पुत्र ट्रेन मे सफऱ कर रहें यात्रियों कों नशीला पदार्थ देकर यात्रियों से उनके कीमती सामान चुराने वाले आरोपी को RPF नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पुलिस ने गिरफ्तार किया.
आरपीएफ नई दिल्ली पुलिस स्टेशन निरीक्षक यशवंत सिंह ने बताया कि उक्त व्यक्ति द्वारा ट्रेन मे जहरखुरनी की अनेकों वारदात कों अंजाम दिये जाने का अंदेशा है। 8 सितंबर को इस व्यक्ति द्वारा नागपुर एक्सप्रेस मे नई दिल्ली से झाँसी यात्रा कर रहें यात्री दीपक जैन पुत्र हरिशरण जैन को उनके जूस की बॉटल मे नशीला पदार्थ मिलाकर यात्री की सोने की चेन, अंगूठीया और एक कलाई घड़ी चुरायी गई थी। यात्री द्वारा उक्त घटना की एफ.आई. आर. जीआरपी थाना झाँसी मे शून्य पर दर्ज करायी गई थी। तभी से हमारी टीम उक्त आरोपी पर निगाहे रखी हुई थी।
दिनांक 25 /11/2025 को आर पी एफ नई दिल्ली टीम के उपनिरीक्षक महावीर सिंह कों मुखबिर द्वारा सूचना मिली कि उक्त संदेही द्वारा नई दिल्ली से भोपाल के लिए पातालकोट ट्रेन मे टिकिट बुक कराया गया है, प्राप्त सूचना कि तस्दीक हेतू उपनिरीक्षक महावीर सिंह के नेतृत्व मे पुलिस टीम सफदरगंज रेलवे स्टेशन पहुंची जहाँ पीड़ित यात्री द्वारा बताये गये हुलिया के आधार पर संदिग्ध व्यक्ति से उसका नाम पूछा गया, उसने अपना नाम बलवंत सिंह तूर बताया। पूर्ण संदेह होने पर उक्त व्यक्ति की तलाशी ली गई जिसमे एक बैग मे कुछ पुराने कपडे एक मिठाई का डिब्बा, बलवंत सिंह तूर नाम के 2 आधार कार्ड, एक वोटर कार्ड एवं राजीव के नाम का वोटर कार्ड सहित प्रतिबंधित दवाओं की 140 टेबलेट मिली, इस संबंध मे पूछने पर आरोपी संतोषप्रद जवाब नहीं दे पाया तब आरोपी कों तत्काल हिरासत मे लिया गया एवं 8सितम्बर कों जहर खुरनी का शिकार हुए पीड़ित दीपक जैन से आरोपी की पहचान व्हाट्सप्प वीडियो कॉल के माध्यम से करायी गई। पीड़ित द्वारा पहचान की पुष्टि होने पर आरोपी कों गिरफ्तार कर जी.आर.पी थाना नई दिल्ली के सुपुर्द किया गया जहाँ से उसे न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत कर जेल भेजा गया। प्रकरण मे अग्रिम जाँच कार्रवाई जीआरपी पुलिस थाना नई दिल्ली द्वारा जारी है।
इस कार्यवाई मे आर.पी.एफ नई दिल्ली निरीक्षक यशवंत सिंह, उप निरीक्षक महावीर सिंह, सउनि रेशम सिंह, प्रधान आरक्षक नरेन्द्र, एवं आरक्षक हरेंद्र सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
