अक्षय कुमार ने बताया कि उनका बचपन सामान्य बच्चों से काफी अलग था उनके पिता खुद एक पहलवान थे और घर का माहौल पूरी तरह से खेल और मार्शल आर्ट्स से जुड़ा हुआ था उन्होंने खुलासा किया कि उनके पिता उन्हें बचपन में ही पेशेवर पहलवानों के साथ अखाड़े में उतार देते थे यह अनुभव उनके लिए आसान नहीं था लेकिन इसी ने उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से बेहद मजबूत बनाया
उन्होंने कहा कि उस समय यह सब कठिन जरूर लगता था लेकिन आज जब वह अपने फिल्मी करियर को देखते हैं तो महसूस होता है कि वही ट्रेनिंग उनके बहुत काम आई खासकर एक्शन फिल्मों में उनके स्टंट्स और फिटनेस के पीछे यही मजबूत नींव है
शो में मौजूद प्रतियोगियों के साथ बातचीत के दौरान अक्षय ने माता पिता और बच्चों के रिश्ते पर भी खुलकर बात की उन्होंने कहा कि हर बच्चे की रुचि अलग होती है और माता पिता को इसे समझने की जरूरत है उन्होंने सलाह दी कि अगर बच्चा पढ़ाई में कमजोर है लेकिन किसी खेल या कला में अच्छा है तो उसे उस दिशा में आगे बढ़ने का मौका देना चाहिए
अक्षय ने यह भी कहा कि बच्चों पर अपनी इच्छाएं थोपने के बजाय उनकी प्रतिभा को पहचानना ज्यादा जरूरी है उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि किसी को तैराकी पसंद हो सकती है तो किसी को बॉक्सिंग या मार्शल आर्ट्स ऐसे में माता पिता का समर्थन ही बच्चे को आगे बढ़ने की ताकत देता है
उन्होंने यह भी जोर दिया कि शिक्षा जरूरी है लेकिन इसके साथ साथ बच्चों के सपनों को भी महत्व देना चाहिए अगर माता पिता सही मार्गदर्शन और समर्थन दें तो बच्चा किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकता है
दो बच्चों के पिता अक्षय कुमार ने अपने निजी अनुभव के आधार पर यह संदेश दिया कि माता पिता का विश्वास और साथ बच्चों के आत्मविश्वास को कई गुना बढ़ा देता है और यही उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है
