ब्लॉग में अमिताभ ने लिख
हर दिन कुछ नया सीखने को मिलता है लेकिन अफसोस इस बात का है कि जो सीखना जरूरी था वह सालों पहले सीख लिया जाना चाहिए था। आज आविष्कारों और नई प्रणालियों की रफ्तार इतनी तेज है कि जब तक कोई उसे सीखना शुरू करता तब तक वक्त आगे निकल चुका होता है।
उम्र और सीखने की चुनौती
अमिताभ ने बताया कि उम्र के साथ सीखने की इच्छा ऊर्जा और प्रयास धीरे-धीरे कम हो जाते हैं। उन्होंने हालिया अनुभव साझा करते हुए कहा कि किसी भी काम की बुनियादी समझ होना जरूरी है लेकिन उसके बाद काम को योग्य और विशेषज्ञ लोगों को सौंप देना चाहिए। बिग बी ने स्पष्ट किया कि अगर कोई व्यक्ति पूरी तरह सक्षम न हो तो इसमें कोई समस्या नहीं है विशेषज्ञों की मदद लेना सही और समय बचाने वाला विकल्प है।
आउटसोर्सिंग और विशेषज्ञों की भूमिका
ब्लॉग में अमिताभ ने पुराने और नए दौर की तुलना करते हुए बताया कि पहले अगर किसी को कोई काम नहीं आता था तो या तो वह काम नहीं कर पाता था या पछतावा होता था।आज के समय में आउटसोर्सिंग के जरिए काम आसानी से पूरा किया जा सकता है जो मेरे लिए राहत की बात है।
साधारण दिनचर्या में बदलाव
अमिताभ ने साधारण दिनचर्या के कामों में उम्र के असर का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि पहले वे सामान्य गतिविधियों को सहजता से कर लेते थे लेकिन अब कुछ कामों के लिए सोचने की जरूरत होती है। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि पैंट पहनने जैसे साधारण काम में भी संतुलन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो गया है। डॉक्टरों की सलाह के अनुसार उन्हें बैठकर ही काम करना चाहिए।
वर्क फ्रंट अपडेट
वर्क फ्रंट पर बिग बी हाल ही में कौन बनेगा करोड़पति सीजन 17 को खत्म कर चुके हैं। इसके अलावा वे तमिल एक्शन ड्रामा वेट्टैयन में नजर आए जिसमें रजनीकांत फहाद फासिल राणा दग्गुबाती और मंजू वारियर जैसे सितारे भी शामिल हैं।
विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों के अनुसार अमिताभ का ब्लॉग नई और पुरानी तकनीकी दुनिया में सीखने की चुनौतियों को समझने और स्वीकार करने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने यह भी कहा कि उम्र बढ़ने के साथ काम को सही तरीके से संभालने के लिए विशेषज्ञों और आउटसोर्सिंग का सहारा लेना स्मार्ट और समय बचाने वाला तरीका है।अमिताभ बच्चन की यह ब्लॉग पोस्ट न केवल उनके प्रशंसकों को व्यक्तिगत अनुभव से जोड़ती है बल्कि नई तकनीक सीखने उम्र के साथ बदलती जरूरतों और विशेषज्ञ मदद लेने का महत्वपूर्ण संदेश भी देती है।
