अनिल कपूर ने बताया कि हाल ही में उन्हें फिल्म के लिए 3,000 पाउंड (लगभग साढ़े तीन लाख रुपये) का चेक मिला। उन्होंने कहा, “कुल मिलाकर यह राशि करीब आधा मिलियन पाउंड (लगभग 6 करोड़ रुपये) तक पहुंच सकती है। मैंने इसके लिए कभी पैसे नहीं मांगे थे, लेकिन टीम ने मुझे भुगतान किया। यह फिल्म मैंने सिर्फ सीखने और अनुभव हासिल करने के लिए की थी।”
फिल्म और पैसे के अनुभव के बाद अनिल ने अपनी फिटनेस और जीवनशैली पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा, “मैं 69 साल की उम्र में भी तेज दौड़ सकता हूं और चलना मुझे बहुत पसंद है। अपनी उम्र के अनुसार मैंने खुद को फिट रखा है। जब मैं किसी अन्य अभिनेता को वजन उठाते देखता हूं, तो मैं भी उतना ही वजन उठाता हूं। मैं अपने शरीर की सुनता हूं और उसे चुनौती देता हूं।”
अपने अभिनय और रोल पर उन्होंने कहा, “मैं जो भी रोल करता हूं, वह मेरी उम्र और अनुभव के अनुसार होता है। मुझे हमेशा लगता रहा है कि दर्शकों के विचार से पहले खुद को ढालना चाहिए। मैं अपने काम को बहुत पसंद करता हूं और जब तक सक्रिय हूं, जिंदगी बहुत खूबसूरत है।”
अनिल कपूर का यह अनुभव बताता है कि एक कलाकार का समर्पण, सीखने का जज्बा और निरंतर फिटनेस उसे समय के साथ भी प्रासंगिक बनाए रख सकते हैं। उनके अनुभव से नए कलाकारों को प्रेरणा मिलती है कि अभिनय केवल पैसे कमाने का जरिया नहीं, बल्कि सीखने और खुद को सुधारने का अवसर होना चाहिए।
इस कहानी से यह स्पष्ट होता है कि अनिल कपूर ने अपने करियर में अनुभव, मेहनत और सीखने के जज्बे को प्राथमिकता दी, जो उन्हें आज भी बॉलीवुड में सफल और प्रेरक बनाए रखता है।
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