भारत की फिल्मों को अब तक नहीं मिला पुरस्कार
ऑस्कर पुरस्कार को अकादमी पुरस्कार के नाम से भी जाना जाता है। इसकी शुरुआत वर्ष 1927 में हुई थी, जबकि पहला पुरस्कार समारोह वर्ष 1929 में आयोजित किया गया था। लगभग 98 वर्षों के इतिहास में भारत की ओर से 50 से अधिक फिल्मों को इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए भेजा गया, लेकिन अब तक किसी भी भारतीय फिल्म को यह सम्मान प्राप्त नहीं हो सका है।
‘मदर इंडिया’ से हुई थी शुरुआत
भारत की ओर से पहली बार वर्ष 1957 में निर्देशक महबूब खान की फिल्म ‘मदर इंडिया’ को ऑस्कर के लिए भेजा गया था। यह फिल्म अंतिम चरण तक पहुंची थी, लेकिन केवल एक मत से पीछे रह गई और पुरस्कार जीतने से चूक गई। उस समय यह सम्मान एक विदेशी फिल्म को मिला था।
कई फिल्मों को मिला अंतिम चरण तक स्थान
इसके बाद वर्ष 1989 में फिल्म ‘सलाम बॉम्बे’, वर्ष 2003 में ‘लगान’ और वर्ष 2004 में मराठी फिल्म ‘श्वास’ को भी अंतिम नामांकन मिला था। हालांकि ये तीनों ही फिल्में पुरस्कार हासिल करने में सफल नहीं हो सकीं।
नौ भारतीयों को मिला ऑस्कर सम्मान
भारत की ओर से अब तक 13 कलाकारों को ऑस्कर में नामांकन प्राप्त हुआ है। इनमें से नौ भारतीय ऐसे हैं जिन्होंने यह प्रतिष्ठित पुरस्कार अपने नाम किया है। इन कलाकारों में भानू अथैया, सत्यजीत रे, ए. आर. रहमान, गुलजार, रेसुल पूकुट्टी, एम. एम. कीरवानी, चंद्रबोस, गुनीत मोंगा और कार्तिकी गोंजाल्विस शामिल हैं। इन सभी ने अलग-अलग श्रेणियों में अपने काम से भारत का नाम विश्व स्तर पर रोशन किया है।
इस बार मंच पर नजर आएंगी प्रियंका चोपड़ा
इस वर्ष का समारोह भारतीय दर्शकों के लिए और भी खास होने वाला है। वैश्विक स्तर पर पहचान बना चुकी अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा इस बार समारोह में प्रस्तोता की भूमिका निभाएंगी। वह मंच पर विजेताओं को पुरस्कार प्रदान करती दिखाई देंगी। उनके साथ कई अंतरराष्ट्रीय कलाकार भी मंच साझा करेंगे, जिससे इस बार का समारोह और अधिक आकर्षक होने की उम्मीद जताई जा रही है।
