प्रतीक गांधी ने फिल्म की सफलता पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ‘लालो’ का 100 करोड़ के आंकड़े को पार करना किसी चमत्कार से कम नहीं है। उन्होंने बताया कि फिल्म की टीम ने जब इस प्रोजेक्ट की शुरुआत की थी तब किसी ने भी यह कल्पना नहीं की थी कि यह इतना बड़ा मुकाम हासिल कर पाएगी। उन्होंने कहा कि कई बार फिल्म इंडस्ट्री में शुरुआत के समय कई तरह की अनिश्चितताएं होती हैं लेकिन अगर काम ईमानदारी और समर्पण के साथ किया जाए तो उसका परिणाम जरूर मिलता है। यही बात इस फिल्म की सफलता में भी साफ दिखाई देती है।
उन्होंने आगे कहा कि इस फिल्म ने उन्हें एक महत्वपूर्ण सीख भी दी है कि ज्यादा सोचने और परिणाम की चिंता करने के बजाय अपने काम को पूरी ईमानदारी और लगन से करते रहना चाहिए। प्रतीक गांधी के मुताबिक ‘लालो’ की कहानी और उसकी सादगी ने दर्शकों के दिल को छू लिया। यही वजह है कि फिल्म ने धीरे धीरे दर्शकों के बीच अपनी मजबूत पहचान बनाई और देखते ही देखते एक बड़ी ब्लॉकबस्टर बन गई।
फिल्म अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध हो चुकी है। इसकी स्ट्रीमिंग सोनी लाइव पर गुजराती और हिंदी दोनों भाषाओं में शुरू हो गई है। इस पर खुशी जताते हुए प्रतीक गांधी ने कहा कि अब इस फिल्म को और ज्यादा दर्शक देख सकेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि इसकी सरल और भावनात्मक कहानी हर वर्ग के दर्शकों तक पहुंचेगी और उन्हें प्रेरित भी करेगी।
भक्ति आधारित यह फिल्म अक्टूबर 2025 में रिलीज हुई थी। शुरुआत में इसे छोटे स्तर पर रिलीज किया गया था लेकिन दर्शकों की शानदार प्रतिक्रिया के चलते इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ती चली गई। सीमित बजट में बनी इस फिल्म ने विश्व स्तर पर 120 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर ली जिसमें भारत में करीब 97 करोड़ रुपये नेट कलेक्शन और विदेशों में लगभग 7.5 करोड़ रुपये की कमाई शामिल है। इसी के साथ यह गुजराती सिनेमा की अब तक की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्म बन गई है।
फिल्म की कहानी एक साधारण रिक्शा ड्राइवर के इर्द गिर्द घूमती है जो एक फार्महाउस में फंस जाता है। वहीं उसे भगवान कृष्ण के दर्शन होते हैं और उसके जीवन की दिशा बदल जाती है। भगवान कृष्ण उसे अपने पुराने डर और बुरे सपनों से लड़ने की प्रेरणा देते हैं और आत्म खोज की यात्रा पर ले जाते हैं। भक्ति और आध्यात्मिकता से जुड़ी यह कहानी दर्शकों के दिल को छू गई और यही इसकी सबसे बड़ी ताकत बनकर सामने आई।
फिल्म में मुख्य भूमिका रीवा राछ ने निभाई है जबकि करण जोशी और मिष्टी कडेचा जैसे कलाकार भी महत्वपूर्ण किरदारों में नजर आए हैं। फिल्म का निर्देशन अंकित सखिया ने किया है और इसकी कहानी कृष्णांश वाजा विक्की पूर्णिमा तथा अंकित सखिया ने मिलकर लिखी है। फिल्म का निर्माण मैनिफेस्ट फिल्म्स जय व्यास प्रोडक्शंस और अजय बलवंत पडारिया ने किया है। ‘लालो’ की ऐतिहासिक सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अच्छी कहानी और सच्ची भावना के साथ बनाई गई फिल्म भाषा की सीमाओं से परे जाकर दर्शकों के दिलों में जगह बना सकती है।
