ब्रेकअप को लेकर अपनी सोच साझा करते हुए उन्होंने कहा मैं तुरंत किसी के साथ ब्रेकअप नहीं कर सकती। मैं हमेशा रिश्ते को बचाने की कोशिश करती हूं। मैं बहुत कुछ देती हूं भावनाएं समय और समझ। लेकिन एक वक्त ऐसा आता है जब मुझे लगता है कि अब पाने का समय है। जब लगातार देने वाला ही बनकर रह जाओ और बदले में कुछ न मिले तो वह बहुत बुरा लगता है। मुनमुन ने आगे कहा कि जब किसी रिश्ते में देने और पाने का संतुलन बिगड़ जाता है तो धीरे-धीरे नीरसता आने लगती है। यही नीरसता रिश्ते को कमजोर कर देती है और इंसान को यह सोचने पर मजबूर कर देती है कि क्या वाकई यह रिश्ता आगे चल पाएगा। उनका मानना है कि प्यार हमेशा स्थायी नहीं होता और इसे स्वीकार करना भी जिंदगी का एक हिस्सा है।
अगर मुनमुन दत्ता के करियर की बात करें तो उन्होंने साल 2004 में टीवी शो हम सब बाराती से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद वह मुंबई एक्सप्रेस 2005 और हॉलीडे 2006 जैसी फिल्मों में भी नजर आ चुकी हैं। हालांकि उन्हें असली पहचान तारक मेहता का उल्टा चश्मा से ही मिली जिसने उन्हें टीवी की सबसे लोकप्रिय अभिनेत्रियों में शामिल कर दिया। पॉडकास्ट में मुनमुन की यह ईमानदार बातचीत सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बनी हुई है। फैंस उनकी साफगोई और रिश्तों को लेकर परिपक्व सोच की तारीफ कर रहे हैं।
