नई दिल्ली। अपना ‘ड्रीम हाउस’ खरीदना आज के दौर में सिर्फ सपना नहीं, बल्कि एक कठिन वित्तीय लक्ष्य है। खासकर जब रियल एस्टेट की कीमतें आसमान छू रही हों, तो सबसे बड़ा सवाल यही है कि आपकी सैलरी कितनी हो कि आप ₹1 करोड़ का घर आसानी से खरीद सकें?
इंवेस्टमेंट बैंकर और बिज़नेस एजुकेटर सार्थक अहूजा ने घर खरीदारों को चेतावनी देते हुए 4 ऐसे निर्णायक वित्तीय नियम बताए हैं, जिनका पालन किए बिना ₹1 करोड़ का घर लेना बड़ी गलती साबित हो सकता है। यदि आप अपनी वित्तीय सेहत को मजबूत रखना चाहते हैं, तो इन नियमों को अनदेखा न करें।
₹1 करोड़ के घर के लिए 4 निर्णायक नियम
नियम एक्सपर्ट की सलाह (₹1 करोड़ के लिए) क्यों महत्वपूर्ण?
1. सालाना इनकम न्यूनतम ₹20 लाख होनी चाहिए। (मासिक इनहैंड सैलरी: ₹1.6 लाख से ₹1.7 लाख) आपकी आय घर की कीमत के 5 गुने से कम नहीं होनी चाहिए, वरना लोन मिलना मुश्किल होगा।
2. डाउन पेमेंट कम से कम ₹20 लाख से ₹30 लाख की बचत होनी चाहिए। यह आपकी वित्तीय स्थिरता दर्शाता है; लोन राशि 65% से अधिक न हो।
3. EMI का बोझ अधिकतम ₹55,000 से ₹60,000 प्रति महीने से ज्यादा न हो। यह सुनिश्चित करता है कि आपकी इनहैंड सैलरी का एक-तिहाई से अधिक हिस्सा EMI में न जाए, अन्य खर्चों के लिए जगह रहे।
4. लोन की अवधि 20 साल या उससे कम रखने की कोशिश करें। लंबा टेन्योर (जैसे 30 साल) लेने पर आप ब्याज के रूप में मूलधन से दोगुना चुका देते हैं।
वार्निंग: EMI मैनेजमेंट है सबसे ज़रूरी
सार्थक अहूजा जोर देकर कहते हैं कि लोग अक्सर घर की कीमत तो देख लेते हैं, लेकिन EMI मैनेजमेंट पर ध्यान नहीं देते। अगर आपकी इनहैंड सैलरी ₹1.6 लाख है, और आप ₹60,000 से ज्यादा की EMI लेते हैं, तो आपका जीवनशैली खर्च और भविष्य का निवेश बुरी तरह प्रभावित होगा।
₹1 करोड़ का घर खरीदने के लिए केवल आय होना पर्याप्त नहीं है; आपको पर्याप्त डाउन पेमेंट की बचत और छोटी लोन अवधि के साथ EMI को अपनी आय के सुरक्षित दायरे में रखना होगा, तभी आप वित्तीय बोझ से बच पाएंगे।
