बीएसई इंडेक्स 0.83 प्रतिशत या 633.29 अंक की तेजी के साथ 76,704.13 पर बंद हुआ। वहीं एनएसई इंडेक्स 50 0.83 प्रतिशत या 196.65 अंक की तेजी के साथ 23,777.80 पर बंद हुआ। दिन के दौरान इंडेक्स ने 76,367.55 पर तेजी से 77,000.22 का उच्चतम स्तर हासिल किया, जबकि इंडेक्स ने 23,632.90 पर तेजी से 23,862.25 का सर्वोच्च स्तर हासिल किया।
व्यापक बाजार और मध्यम-छोटे कैप में बढ़ोतरी
बुधवार के सत्र में समग्र बाजार में तेजी से बनी रही। व्यापक बाजार ने मुख्य सूचकांकों से बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप में 2.02 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.67 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
सेक्टरवार प्रदर्शन पर नजर डालें तो निफ्टी मीडिया इंडेक्स में 3.35 प्रतिशत की उछाल, निफ्टी आईटी में 2.78 प्रतिशत, और निफ्टी रियल्टी में 2.75 प्रतिशत की तेजी से सबसे ज्यादा रही। इसके अलावा, निफ्टी ऑटो में 1.92 प्रतिशत, निफ्टी बैंक में 0.82 प्रतिशत और निफ्टी फाइनेंस सर्विसेज में 0.79 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। निफ्टी एफएमसीजी में मामूली गिरावट देखी गई।
टॉप जेनर्स और लॉसर्स
सेंसेक्स में इंटरनल, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, इंफोसिस, अदाणी पोर्ट्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टीसीएस, एक्सिस बैंक, इंडिगो, एलएंडटी, बजाज फाइनेंस और अदाणी इंटरप्राइजेज के शेयर सबसे ज्यादा तेजी से देखने को मिले। वहीं सिप्ला, एचयूएल, कोल इंडिया, एनटीपीस, सनफार्मा, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, अपोलो हॉस्पिटल्स और हिंडाल्को के शेयर सबसे ज्यादा नुकसान झेलने वालों में शामिल रहे।
बाजार पूंजीकरण में बढ़ोतरी
इस तेजी से चलते बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप लगभग 5 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 438 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया, जो पहले 433 लाख करोड़ रुपये था। आंकड़ों के अनुसार, आईटी और रियल्टी सेक्टर में बढ़ी खरीदारी, भारतीयों का पॉजिटिव सेंटीमेंट और वैश्विक बाजारों में स्थिरता इस तेजी के प्रमुख कारण रहे।
