एशियाई बाजारों में दिखी तेजी
जहां भारतीय बाजार में गिरावट देखी गई, वहीं एशियाई बाजारों में तेजी का रुख नजर आया। Nikkei 225 में 1.36% की बढ़त दर्ज की गई, जबकि TOPIX इंडेक्स 1.22% ऊपर रहा। दक्षिण कोरिया का KOSPI 2.52% चढ़ा, जबकि स्मॉल-कैप इंडेक्स KOSDAQ में 1.39% की बढ़त देखी गई। वहीं Hang Seng Index फ्यूचर्स 25,936 के स्तर पर कारोबार करते नजर आए।
वॉल स्ट्रीट लाल निशान में बंद
मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट देखी गई। निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमतों और मध्य पूर्व में तनाव की स्थिति पर बनी हुई है। S&P 500 0.21% गिरकर 6781.48 पर बंद हुआ। वहीं Dow Jones Industrial Average 34.29 अंक गिरकर 47,706.51 पर बंद हुआ। हालांकि Nasdaq Composite में हल्की बढ़त देखने को मिली और यह 0.01% बढ़कर 22,697.10 पर बंद हुआ।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
बुधवार सुबह कच्चे तेल की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। WTI Crude की कीमत 0.03% गिरकर 83.43 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रही। वहीं Brent Crude पिछले सत्र के हाई लेवल 119.50 डॉलर से गिरकर अब 87 से 90 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में कारोबार कर रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार International Energy Agency ने कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए बड़ा कदम उठाने की तैयारी की है। एजेंसी ने अपने इतिहास के सबसे बड़े Emergency Oil Reserve को जारी करने का प्रस्ताव दिया है। इसके तहत 182 मिलियन बैरल से ज्यादा तेल बाजार में जारी किया जा सकता है ताकि कीमतों पर नियंत्रण रखा जा सके।
