2025 की रिपोर्ट Necole Bitchie और Healthline के अनुसार, देसी घी में मौजूद विटामिन A, D, E और K के साथ-साथ प्राकृतिक फैटी एसिड त्वचा की नमी को लॉक करने, सूजन कम करने और फाइन लाइन्स को रोकने में मदद करते हैं। यही वजह है कि आयुर्वेद में घी को न सिर्फ खाने बल्कि त्वचा पर लगाने के लिए भी लाभकारी माना गया है।विशेषज्ञों के मुताबिक, सर्दियों में त्वचा की बैरियर लेयर कमजोर हो जाती है, जिससे Transepidermal Water Loss TEWL बढ़ता है। घी इस बैरियर को मजबूत करता है और त्वचा को अंदर से रिपेयर करने में मदद करता है। आयुर्वेदिक परंपरा में इस्तेमाल होने वाला शतधौत घृत 100 बार धुला घी विशेष रूप से स्किन हाइड्रेशन बढ़ाने, जलन कम करने और एक्जिमा व सोरायसिस जैसी समस्याओं में राहत देने के लिए जाना जाता है।
टॉपिकल इस्तेमाल की बात करें तो घी सूखी, फटी और संवेदनशील त्वचा के लिए सुरक्षित माना गया है। सर्दियों में फटे होंठ, रूखे हाथ, ड्राई पैच और फटी एड़ियों पर घी लगाने से त्वचा जल्दी मुलायम होती है। यही नहीं, बच्चों की मालिश और बीमारी के बाद स्किन रिकवरी में भी देसी घी का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से किया जाता रहा है।हालांकि विशेषज्ञ यह भी चेतावनी देते हैं कि घी का टेक्सचर काफी रिच और ऑयली होता है। ऐसे में एक्ने-प्रोन या बहुत तैलीय त्वचा पर इसका ज्यादा इस्तेमाल पोर्स ब्लॉक कर सकता है, जिससे पिंपल्स की समस्या बढ़ सकती है। इसलिए ऐसी त्वचा वाले लोगों को घी को सीधे पूरे चेहरे पर लगाने के बजाय पहले पैच टेस्ट करना चाहिए या सिर्फ बहुत सूखे हिस्सों पर सीमित मात्रा में उपयोग करना चाहिए।
त्वचा विशेषज्ञों का कहना है कि घी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स झुर्रियों दाग-धब्बों और सूजन को कम करने में मदद करते हैं, जिससे त्वचा ज्यादा स्वस्थ और जवां दिखती है। रात में सोने से पहले हल्के हाथों से घी लगाने से त्वचा को गहरी नमी और पोषण मिलता है।इस रूप में देसी घी सर्दियों में केवल एक पारंपरिक घरेलू नुस्खा नहीं बल्कि वैज्ञानिक रूप से समर्थित स्किन केयर विकल्प भी है। सही मात्रा और सही त्वचा प्रकार के अनुसार इसका इस्तेमाल करने से यह सर्दियों में त्वचा की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। यदि त्वचा बहुत संवेदनशील हो, तो विशेषज्ञ या डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर रहेगा।
