नई दिल्ली ।सुनने की शक्ति का करें इस्तेमाल जब कोहरा इतना घना हो कि आँखें जवाब दे जाएं, तो अपने कान खोलें। अपनी गाड़ी का म्यूजिक सिस्टम बंद कर दें और खिड़कियों के शीशे थोड़े नीचे गिरा दें। इससे आपको दूसरी गाड़ियों के हॉर्न, सायरन या इंजन की आवाजें साफ सुनाई देंगी। विशेषकर चौराहों और मोड़ पर यह तकनीक आपको किसी भी अनचाही टक्कर से बचा सकती है। लो-बीम लाइट और फॉग लैम्प्स का प्रयोग अक्सर लोग गलती करते हैं कि कोहरे में हेडलाइट को ‘हाई-बीम’ पर कर देते हैं। हाई-बीम की रोशनी कोहरे की बूंदों से टकराकर परावर्तित (Reflect) होती है, जिससे सामने कुछ भी दिखना बंद हो जाता है। हमेशा लो-बीम का उपयोग करें और अपनी गाड़ी के फॉग लैम्प्स जलाकर रखें।
पार्किंग लाइट और इंडिकेटर का सही उपयोग कोहरे में गाड़ी चलाते समय चारों इंडिकेटर जलाकर न चलें, क्योंकि इससे पीछे वाले ड्राइवर को यह समझ नहीं आता कि आप मुड़ने वाले हैं या खड़े हैं। इंडिकेटर का इस्तेमाल केवल मुड़ने के लिए करें। यदि कोहरा बहुत ज्यादा है, तो सड़क के किनारे सफेद पट्टी को गाइड मानकर चलें।रफ्तार पर नियंत्रण और सुरक्षित दूरी कोहरे में रफ्तार का रोमांच जानलेवा हो सकता है। अपनी गति कम रखें और आगे चल रही गाड़ी से सामान्य से दोगुनी दूरी बनाए रखें। अचानक ब्रेक लगाने से बचें, क्योंकि गीली सड़क और कोहरे के कारण टायर फिसल सकते हैं और पीछे वाली गाड़ी आपसे टकरा सकती है। डिफॉगर का करें इस्तेमाल सर्दियों में गाड़ी के अंदर और बाहर के तापमान में अंतर होने के कारण शीशों पर धुंध जम जाती है। गाड़ी के डिफॉगर को चालू रखें ताकि विंडशील्ड साफ रहे। यदि डिफॉगर नहीं है, तो एसी चलाकर हवा को शीशों की तरफ मोड़ दें।
अगर गाड़ी खराब हो जाए या रुकना पड़े
यदि कोहरा इतना ज्यादा है कि आगे बढ़ना संभव नहीं है, तो गाड़ी को सड़क से काफी दूर सुरक्षित स्थान पर खड़ा करें। अपनी हजार्ड लाइट्स चालू कर दें ताकि दूसरों को आपकी मौजूदगी का पता चल सके। सड़क के बिल्कुल किनारे गाड़ी खड़ी करना खतरनाक हो सकता है।