करैरा(शिवपुरी)। नगर परिषद करैरा की कार्यप्रणाली को लेकर महिला पार्षदों ने अनोखे अंदाज में विरोध जताते हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO), इंजीनियर और अकाउंटेंट के खिलाफ ‘लापता’ के पोस्टर लगा दिए। पोस्टर पर लिखा है— “नगर की जनता बेहाल, CMO एवं इंजीनियर लापता”। विरोध के दौरान पार्षदों ने अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए।
पार्षद शालिनी सोनी और खुशबू यादव का आरोप है कि नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारी लंबे समय तक कार्यालय में नियमित रूप से उपलब्ध नहीं रहते, जिसके कारण आम नागरिकों को अपने काम के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पार्षदों का कहना है कि कई बार लोगों को अधिकारियों से मिलने और अपनी समस्याएं बताने के लिए कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
पार्षदों ने कथित कमीशन व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि नगर परिषद में विभिन्न कार्यों के लिए कथित रूप से कमीशन की व्यवस्था पहले से तय रहती है, जिससे आम जनता के काम प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
महिला पार्षदों ने कहा कि जब नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारी ही कार्यालय में उपलब्ध नहीं होंगे तो आम जनता अपनी समस्याएं लेकर आखिर किसके पास जाएगी? उन्होंने अधिकारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और नगर परिषद की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने की मांग की है।
अब महिला पार्षदों द्वारा लगाए गए इन पोस्टरों के बाद नगर परिषद की कार्यप्रणाली और अधिकारियों की उपस्थिति को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।
इन आरोपों पर नगर परिषद सी एम ओ गोपाल गुप्ता का कहना है कि मैं या मेरे स्टाफ का कोई भी कर्मचारी जब भी करैरा से कहीं बाहर जातें हैं तो अपने अधिकारियों और नगर परिषद अध्यक्ष को जानकारी देकर ही जाते हैं ।
