शिवपुरी/करैरा।
शिवपुरी जिले की करैरा तहसील में गुरुवार को जमीन बंटवारे से जुड़े एक प्रकरण की सुनवाई के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक पक्षकार ने अपने परिवार सहित नायब तहसीलदार के चेंबर में कथित रूप से पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास किया। प्रशासनिक अधिकारियों की तत्परता से संभावित बड़ा हादसा टल गया।
जानकारी के अनुसार ग्राम थनारा हल्का क्षेत्र से संबंधित भूमि बंटवारे का मामला नायब तहसीलदार की अदालत में विचाराधीन है। निर्धारित तिथि पर सुनवाई के लिए पहुंचे कमल किशोर पाठक ने सुनवाई के दौरान असंतोष जताते हुए अपने परिवार के साथ आत्मदाह का प्रयास किया। मौके पर मौजूद कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने तुरंत हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया।
घटना के बाद संबंधित पक्ष ने राजस्व अमले पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि जमीन बंटवारे के मामले में कथित रूप से रिश्वत की मांग की जा रही है। पक्षकार का आरोप है कि अलग-अलग स्तर पर दबाव बनाया जा रहा है, जिससे वे मानसिक रूप से प्रताड़ित महसूस कर रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इस बीच तहसीलदार कल्पना शर्मा ने संबंधित पक्ष को निष्पक्ष कार्रवाई और विधि सम्मत निर्णय का आश्वासन दिया है। कमल किशोर पाठक ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद है।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए करैरा के एसडीएम अनुराग निगवाल ने कहा कि जमीन बंटवारे का प्रकरण अभी न्यायालय में विचाराधीन है और अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आत्मदाह का प्रयास प्रशासन पर दबाव बनाने की कोशिश प्रतीत होता है। एसडीएम ने कहा कि पूरे मामले की प्रक्रिया विधि अनुसार जारी है।
घटना के बाद तहसील परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी प्रकार की अवैधानिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, वहीं राजस्व प्रकरण का निराकरण नियमों के अनुरूप किया जाएगा।
