ग्वालियर/श्योपुर।
मध्य प्रदेश की राजनीति में सोमवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने विजयपुर उपचुनाव से जुड़े मामले में अहम फैसला सुनाते हुए कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का निर्वाचन शून्य घोषित कर दिया। अदालत ने साथ ही उपचुनाव में दूसरे स्थान पर रहे भाजपा प्रत्याशी एवं पूर्व मंत्री रामनिवास रावत को विजयपुर विधानसभा क्षेत्र का निर्वाचित विधायक घोषित करने का आदेश दिया है।
हलफनामे में जानकारी छिपाने पर कार्रवाई
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि मुकेश मल्होत्रा ने नामांकन के दौरान दाखिल किए गए शपथ-पत्र (एफिडेविट) में अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की पूरी जानकारी नहीं दी थी। सुनवाई के दौरान सामने आया कि उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज चार से छह आपराधिक प्रकरणों की जानकारी छिपाई थी।
कोर्ट ने इसे चुनाव नियमों का गंभीर उल्लंघन मानते हुए कहा कि मतदाताओं को उम्मीदवार के बारे में सही जानकारी मिलना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। जानकारी छिपाने के कारण उनका निर्वाचन अवैध माना गया और उसे निरस्त कर दिया गया।
रामनिवास रावत को घोषित किया विजेता
हाईकोर्ट ने केवल कांग्रेस विधायक का चुनाव रद्द करने तक ही फैसला सीमित नहीं रखा, बल्कि उपचुनाव में दूसरे स्थान पर रहे भाजपा नेता रामनिवास रावत को विजयपुर सीट का वैध विजेता घोषित कर दिया। इस निर्णय के बाद मध्य प्रदेश विधानसभा में भाजपा की संख्या में एक सीट का इजाफा हो गया है।
सुप्रीम कोर्ट में अपील का अवसर
अदालत ने मुकेश मल्होत्रा को इस निर्णय के खिलाफ अपील करने के लिए राहत भी दी है। कोर्ट ने उन्हें करीब 15 दिन से एक महीने का समय दिया है ताकि वे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सकें। इस अवधि में फैसले के क्रियान्वयन पर तकनीकी रूप से रोक रह सकती है।
क्षेत्रीय राजनीति में हलचल
विजयपुर विधानसभा सीट पहले से ही राजनीतिक रूप से चर्चा में रही है। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद क्षेत्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। जहां कांग्रेस के लिए यह बड़ा झटका माना जा रहा है, वहीं भाजपा कार्यकर्ताओं में फैसले के बाद उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।
