सुरक्षा के लिहाज से पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी और बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया। बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड BDDS और डॉग स्क्वॉड की टीमों ने सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक इमारतों के चप्पे-चप्पे की तलाशी ली। लगभग चार घंटे चले इस गहन तलाशी अभियान के बाद जब कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, तब जाकर पुलिस ने इसे एक ‘होक्स’ अफवाह घोषित किया और राहत की सांस ली। गौर करने वाली बात यह है कि निशातपुरा स्थित यूनिवर्सिटी को पिछले 15 दिनों में दूसरी बार इस तरह की धमकी मिली है; इससे पहले 19 फरवरी को भी संस्थान को निशाना बनाया गया था।
पुलिस कमिश्नर संजय कुमार के अनुसार, सभी संस्थानों को भेजे गए ईमेल का कंटेंट और भाषा एक जैसी थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इस शरारत के पीछे किसी एक व्यक्ति या गिरोह का हाथ है। जांच में यह भी सामने आया है कि देश के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह के मिलते-जुलते ईमेल भेजे गए हैं। फिलहाल, साइबर क्राइम ब्रांच उस आईपी IP एड्रेस और ईमेल आईडी को ट्रैक करने में जुटी है जिससे ये मैसेज भेजे गए थे। हालांकि यह बम की धमकी महज एक अफवाह निकली, लेकिन इसने भोपाल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई चिंताएं जरूर पैदा कर दी हैं।
