यह विचलित कर देने वाली घटना 31 अक्टूबर 2024, दीपावली के पावन पर्व पर घटी थी। पीड़ित दंपति सिविल लाइन पन्ना नाका मार्ग स्थित इस मशहूर पिज्जा शॉप पर डिनर के लिए गए थे। उन्होंने पूरी तरह शाकाहारी (वेज) पिज्जा और बर्गर का ऑर्डर दिया था। जैसे ही उन्होंने बर्गर खाना शुरू किया, उन्हें स्वाद में गड़बड़ी महसूस हुई और अचानक तेज उल्टियां होने लगीं। जब उन्होंने बर्गर की बारीकी से जांच की, तो उनके होश उड़ गए; वेज बर्गर के नाम पर उन्हें सूअर का मांस Pork परोस दिया गया था। इस भयंकर चूक के बाद जब दंपति ने संचालक से शिकायत की, तो प्रबंधन ने अपनी गलती मानने के बजाय ग्राहकों की बात को अनसुना कर दिया, जिससे विवाद और बढ़ गया।
न्याय की उम्मीद में पीड़ित परिवार ने पहले पुलिस और फिर जिला उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सितंबर 2025 में एफआईआर दर्ज की थी। फोरम में अधिवक्ता करुणेश अरोरा ने मजबूती से साक्ष्य पेश किए, जिसके बाद 27 फरवरी 2026 को फोरम ने अपना अंतिम फैसला सुनाया। कोर्ट ने पिज्जा कंपनी को मानसिक संताप और सेवा में कमी का दोषी पाते हुए 8 लाख रुपये का मुआवजा, 10 हजार रुपये कानूनी खर्च और पूरी राशि पर 9 प्रतिशत ब्याज देने का आदेश दिया है। कंपनी को यह राशि एक माह के भीतर जमा करनी होगी, अन्यथा उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा 72 के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
