शौर्य और स्वाभिमान के प्रतीक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा कि महाराणा प्रताप मातृभूमि की रक्षा और स्वाभिमान के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले महानायक थे। उनका जीवन वीरता, पराक्रम और संघर्ष की एक ऐसी गाथा है, जो हर पीढ़ी को राष्ट्रभक्ति के लिए प्रेरित करती है। मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि महाराणा प्रताप ने कठिन परिस्थितियों में भी कभी झुकना स्वीकार नहीं किया और अपने संकल्पों से मुगल साम्राज्य को चुनौती दी।
युवाओं के मार्गदर्शक हैं उनके आदर्श डॉ. यादव ने आगे कहा कि वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप का जीवन और उनके आदर्श वर्तमान समय के युवाओं के लिए अनंत प्रेरणास्रोत हैं। उनका संघर्ष और राष्ट्र के प्रति अटूट निष्ठा हमें यह सिखाती है कि विपरीत परिस्थितियों में भी अपने मूल्यों से समझौता नहीं करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि महाराणा प्रताप के दिखाए गए मार्ग और उनके वीरतापूर्ण संघर्ष से आने वाली पीढ़ियाँ सदैव मार्गदर्शन प्राप्त करती रहेंगी। उल्लेखनीय है कि मेवाड़ के महान शासक महाराणा प्रताप का निधन 19 जनवरी 1597 को हुआ था। आज उनकी पुण्यतिथि पर देश भर में उन्हें याद कर नमन किया जा रहा है।
