जहां कुछ इलाकों में दिन का मौसम ठंडा बना हुआ है, वहीं कई जगहों पर धूप हल्की राहत दे रही है। मौसम विभाग का कहना है कि हवा की दिशा में बदलाव और हल्के बादलों की मौजूदगी इस उतार-चढ़ाव की मुख्य वजह है। विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक यही स्थिति बनी रह सकती है, जिसके बाद प्रदेश में तेज सर्दी का नया दौर शुरू होने की संभावना है।
देश के दक्षिणी हिस्से में सक्रिय लो-प्रेशर सिस्टम का असर मध्य प्रदेश के मौसम पर भी पड़ रहा है। इसके कारण आसमान में छिटपुट बादल हैं, जिनसे दिन का तापमान नियंत्रित है, लेकिन रात के तापमान में 5 से 6 डिग्री तक का उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। पहाड़ी राज्यों—उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर—में बर्फबारी जारी है, हालांकि हवा की दिशा बदलने से उत्तरी ठंडी हवाएं प्रदेश तक नहीं पहुंच पा रही हैं।
शहरवार आंकड़ों की बात करें तो भोपाल में न्यूनतम तापमान 15.4 डिग्री, इंदौर में 15.1 डिग्री, उज्जैन में 16.5 डिग्री और जबलपुर में 15.2 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, चंबल और बुंदेलखंड के कई शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे पहुंच गया।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 29 नवंबर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने वाला है। इसके बाद उत्तर से ठंडी हवाओं का प्रवाह तेज होगा और प्रदेश में शीतलहर की स्थिति भी बन सकती है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि दिसंबर की शुरुआत तक ठंड अपने चरम की ओर बढ़ सकती है।
