मध्य प्रदेश । डिंडौरी जिले में गुरुवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। शादी के कार्ड बांटकर लौट रहे दो चचेरे भाइयों की एक तेज रफ्तार पिकअप वाहन की टक्कर से मौत हो गई। हादसा इतना भयानक था कि बाइक पिकअप के आगे फंसकर दूर तक घिसटती चली गई और अंतत आग की लपटों में घिर गई। दुर्घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने पंचनामा कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और पिकअप चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कैसे हुआ हादसा
घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत डिंडौरी अमरकंटक मार्ग की है जहां ग्राम कूड़ा के पास रात करीब 11 से 11.30 बजे के बीच यह दर्दनाक टक्कर हुई। मृतक महेंद्र विश्वकर्मा 22 और उनके चचेरे भाई विपिन विश्वकर्मा 23 दोनों निवासी ग्राम छिंदगांव थाना शाहपुर, सागरटोला गाड़ासरई से शादी के निमंत्रण पत्र बांटकर वापस लौट रहे थे। जैसे ही वे ग्राम कूड़ा के पास पहुंचे डिंडौरी की ओर से आ रही पिकअप क्रमांक MP 52 GA 0983 ने तेज रफ्तार और लापरवाही से उनकी बाइक को सीधी टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक आगे से पिकअप में फंस गई और करीब कुछ दूरी तक घिसटती चली गई। घर्षण और टक्कर के कारण बाइक में अचानक आग लग गई। दोनों युवक गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर ही तड़पते रहे और कुछ ही मिनटों में उनकी मौत हो गई। आग की लपटों ने बाइक को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया और उसके पुर्जे सड़क पर बिखर गए।
पुलिस की कार्रवाई
हादसे की सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने तुरंत क्षेत्र को सुरक्षित किया और रात में ही पंचनामा कार्यवाही शुरू कर दी। शुक्रवार सुबह दोनों शवों को जिला अस्पताल भेजकर पोस्टमार्टम कराया गया और उसके बाद परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने पिकअप चालक के खिलाफ तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया है। वाहन चालक हादसे के बाद फरार बताया जा रहा है जिसकी तलाश जारी है।
परिजनों का रो रोकर बुरा हाल
मृतक महेंद्र के पिता विष्णु लाल विश्वकर्मा 58 ने बताया कि उनका बेटा महेंद्र अपनी बाइक MP 52 ME 2005 से अपने बड़े भाई के पुत्र विपिन के साथ अपने भांजे की शादी के कार्ड बांटने सागरटोला गाड़ासरई गया था। दोनों ने सभी रिश्तेदारों को निमंत्रण बांटने के बाद घर लौटने का फैसला किया था। लेकिन रास्ते में यह दर्दनाक हादसा हो गया जिसने पूरे परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। परिजनों के मुताबिक दोनों युवक परिवार में बहुत मिलनसार और जिम्मेदार थे। महेंद्र तीन भाइयों में मझला था और परिवार की एक बड़ी जिम्मेदारी संभालता था जबकि विपिन भी अपने माता-पिता का सहारा था। परिवारजन इस घटना से पूरी तरह टूट चुके हैं और गांव में शोक की लहर है।
स्थानीयों में आक्रोश
घटना के बाद स्थानीय लोगों में पिकअप चालक के खिलाफ आक्रोश देखा गया। उनका कहना है कि इस मार्ग पर अक्सर तेज रफ्तार वाहन चालकों के कारण दुर्घटनाएं होती रहती हैं और प्रशासन को इसके लिए सख्त कदम उठाने चाहिए। ग्रामीणों ने हादसे के बाद सड़क किनारे मौजूद खतरनाक मोड़ों और रात के समय सड़क पर रोशनी की कमी जैसे मुद्दों पर भी सवाल उठाए।
अंतिम विदाई
पोस्टमार्टम के बाद शवों को उनके गांव छिंदगांव ले जाया गया, जहां शुक्रवार दोपहर दोनों चचेरे भाइयों का अंतिम संस्कार किया गया। पूरे गांव ने नम आंखों से दोनों युवकों को विदाई दी। परिवारजन समेत रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने हादसे की निष्पक्ष जांच और दोषी चालक को कड़ी सज़ा दिलाने की मांग की है। यह हादसा न केवल एक परिवार की खुशियों को उजाड़ गया बल्कि यह भी दिखाता है कि सड़क सुरक्षा के प्रति लापरवाही किस तरह मासूम जिंदगियों को निगल लेती है। प्रशासन और चालक दोनों की जिम्मेदारी है कि सड़कें सुरक्षित हों ताकि ऐसे हादसे दोबारा न हों।
