जानकारी के अनुसार, ग्वालियर की ओर जा रहे स्कॉर्पियो में सवार कुछ युवकों ने नियमानुसार टोल टैक्स चुकाने से इनकार किया और बिना टोल दिए बैरियर खोलने का दबाव बनाने लगे। जब टोल कर्मचारियों ने नियमों का हवाला देते हुए टोल भरने के लिए कहा, तो दोनों पक्षों में कहासुनी बढ़ गई और युवकों ने टोल कर्मचारी आनंद सिंह समेत अन्य कर्मचारियों के साथ हाथापाई शुरू कर दी।
मारपीट की सूचना मिलने पर कर्मचारी महाराजपुरा थाने पहुंचे। थोड़ी देर बाद युवकों ने भी थाने का रुख किया। थाने में बातचीत के दौरान पता चला कि दोनों पक्षों के बीच आपसी रिश्तेदारी है। इसके बाद बातचीत के जरिए मामला शांत कराया गया और दोनों पक्षों ने समझौता कर लिया।
टोल प्लाजा प्रबंधन के मैनेजर अमित सिंह राठौड़ ने बताया कि विवाद हुआ था, लेकिन समझौते के बाद कोई एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई। उन्होंने कहा कि विवाद की शुरुआत तब हुई थी जब वाहन सवार युवक बैरियर खुलवाने के लिए दबाव बना रहे थे और कर्मचारियों ने नियम का पालन किया।
यह घटना दर्शाती है कि सड़क पर टोल टैक्स और नियमों का पालन न करने पर विवाद आसानी से बढ़ सकता है। हालांकि इस मामले में रिश्तेदारी और समझौते के कारण पुलिस कार्रवाई नहीं हुई, लेकिन CCTV फुटेज भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में मदद कर सकता है।
