पकड़े गए आरोपी की पहचान प्रदीप शिवहरे उर्फ पिंकू, निवासी कोटेश्वर के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार यह युवक एटीएम पर आने वाले ग्राहकों को मशीन चलाने में मदद करने का नाटक करता था। इस दौरान वह असली कार्ड की जगह दूसरा कार्ड थमा देता और किसी तरह पिन की जानकारी हासिल करने की कोशिश करता। इसके बाद वह मौके से खिसक जाता।
हालांकि आज की घटना में पीड़ित ने समय रहते संदेह कर लिया। जैसे ही कार्ड बदलने की कोशिश हुई, पीड़ित ने विरोध किया और शोर मचाया। आसपास मौजूद लोग तुरंत सक्रिय हो गए और आरोपी को दबोच लिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उसे हिरासत में ले लिया।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने हैरान करने वाले खुलासे किए। उसके पास 100 से अधिक एटीएम कार्ड बरामद हुए हैं। ये कार्ड विभिन्न खाताधारकों के थे और सभी जब्त कर लिए गए। पुलिस अब इनके असली मालिकों की पहचान करने में जुटी हुई है। इससे यह स्पष्ट होता है कि यह मामला केवल एक घटना तक सीमित नहीं था बल्कि यह एक संगठित ठगी का हिस्सा हो सकता है।
ASP अनु बेनीवाल ने बताया कि आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अब तक कितने लोग इस ठगी का शिकार हो चुके हैं और क्या इस गिरोह में अन्य लोग भी शामिल हैं। गहन पूछताछ के जरिए पुलिस नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है। इस दौरान अन्य बड़े खुलासे होने की संभावना भी जताई जा रही है।
स्थानीय लोग इस घटना को लेकर काफी चौकन्ने हैं। उनका कहना है कि अब एटीएम पर सहायता लेने से पहले सतर्क रहना बेहद जरूरी हो गया है। वहीं पुलिस का भी कहना है कि लोगों को हमेशा अपने कार्ड और पिन की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए और किसी अनजान व्यक्ति की मदद लेने से पहले सावधान रहना चाहिए।
ग्वालियर में यह घटना लोगों के लिए चेतावनी का संदेश बन गई है कि मदद के बहाने ठगी की घटनाएं कहीं भी हो सकती हैं। यह मामला यह भी साबित करता है कि सतर्कता और सामूहिक चौकसी ही ऐसे अपराधों को रोक सकती है। अब पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और सभी संभावित शिकारों और संदिग्धों की पहचान कर रही है।
