भोपाल। मध्यप्रदेश में मौसम ने रविवार को करवट ली। प्रदेश के 20 से ज्यादा जिलों में रुक-रुककर बारिश हुई। श्योपुर में 9 घंटे में ही 2 इंच पानी गिरा और किसान खेतों में बहती फसल को बचाने में जुटे रहे। वहीं, भोपाल और इंदौर में पूरे दिन रिमझिम बरसात हुई। मौसम विभाग ने सोमवार को भी बारिश के जारी रहने का अनुमान जताया है।
तेज बारिश का अलर्ट
ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग के आठ जिलों में भारी बारिश की संभावना है। वहीं, भोपाल, इंदौर, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, बैतूल, सीहोर, हरदा, राजगढ़, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, आगर-मालवा, रतलाम, झाबुआ और अलीराजपुर में हल्की बूंदाबांदी जारी रहेगी।
मौसम विज्ञान की वजह
सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में एक्टिव डिप्रेशन और ट्रफ की वजह से अगले 3 दिन प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहेगा। विशेषकर उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में तेज बारिश का असर देखने को मिलेगा।
तापमान में गिरावट
बारिश के कारण रविवार को कई शहरों में दिन का तापमान सामान्य से कम रहा। भोपाल 24.2°C, इंदौर 23.5°C, उज्जैन 25.7°C, धार 23.2°C, और रतलाम 24.2°C दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने बताया कि बारिश रुकने के बाद रात का तापमान फिर से नीचे जाने की संभावना है।
आने वाली ठंड
मौसम विभाग के अनुसार नवंबर से जनवरी तक प्रदेश में कड़ाके की ठंड शुरू होगी। इस बार फरवरी तक ठंड का असर रह सकता है और 2010 के बाद सबसे अधिक ठंड पड़ने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि सर्दियों में सामान्य से ज्यादा बारिश देखने को मिल सकती है।
मानसून का आंकड़ा
इस साल मानसून 16 जून से 13 अक्टूबर तक सक्रिय रहा। पूरे प्रदेश से मानसून विदा हो चुका है। गुना जिले में सबसे ज्यादा 65.7 इंच बारिश दर्ज की गई, जबकि शाजापुर में सबसे कम 28.9 इंच। श्योपुर में सामान्य से 216.3% बारिश हुई। इंदौर, ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के 50 जिलों में कोटा पूरा हुआ, जबकि उज्जैन, शाजापुर, बैतूल और सीहोर में बारिश का कोटा अधूरा रहा।
