ईमेल मिलने के बाद अधिकारियों में अफरा तफरी मच गई। तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी गई और सुरक्षा बल मौके पर तैनात कर दिए गए। बम स्क्वॉड डॉग स्क्वॉड और भारी पुलिस बल पहुंचा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे कार्यालय परिसर को खाली कराया गया। अंदर मौजूद कर्मचारियों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।
मौके पर पहुंचे एसीपी विनोद दीक्षित ने बताया कि धमकी को गंभीरता से लेते हुए पूरे भवन की तलाशी करवाई गई। बम स्क्वॉड की टीम ने हर कमरे गलियारे और कार्यालय की जांच की लेकिन तलाशी के दौरान किसी भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री का पता नहीं चला। अधिकारियों ने कहा कि जांच पूरी तरह से सावधानी और गंभीरता के साथ की गई ताकि किसी भी संभावित खतरे से निपटा जा सके।
पुलिस ने कहा कि ईमेल किसने और कहां से भेजा इसकी जांच साइबर सेल टीम को सौंपी गई है। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि ईमेल आईडी फर्जी होने की संभावना है लेकिन पुलिस किसी भी एंगल को नजरअंदाज नहीं कर रही। सुरक्षा के मद्देनजर संभाग आयुक्त कार्यालय की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और आसपास के इलाके में भी निगरानी तेज कर दी गई है।
अधिकारियों ने कहा कि धमकी झूठी साबित हो सकती है लेकिन प्रशासन इसे हल्के में नहीं ले रहा। दोषी की पहचान कर पकड़ने के लिए सभी संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं कर्मचारियों और जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
यह घटना प्रशासन के लिए चेतावनी साबित हुई है कि साइबर माध्यम से किसी भी तरह की धमकी गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है। इंदौर पुलिस ने नागरिकों से भी अपील की है कि ऐसी किसी भी संदिग्ध ईमेल या संदेश की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें।
हादसे के संभावित खतरे और फर्जी धमकी के बावजूद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई कर सुरक्षा सुनिश्चित की। बम स्क्वॉड डॉग स्क्वॉड और पुलिस बल की तैनाती ने स्थिति को नियंत्रण में रखा और किसी भी अप्रिय घटना को टालने में मदद की। इस बीच साइबर जांच से जल्द ही यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि धमकी देने वाला व्यक्ति कौन है और उसका मकसद क्या था।
इंदौर का यह प्रशासनिक परिसर अब पूरी सतर्कता के साथ काम कर रहा है। अधिकारी लगातार सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रहे हैं और आसपास के क्षेत्रों में भी निगरानी बनाए रखी जा रही है। प्रशासन का संदेश स्पष्ट है कि ऐसे किसी भी अपराध को गंभीरता से लिया जाएगा और जिम्मेदार को सख्त कार्रवाई के तहत लाया जाएगा।
