इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र में हुई 60 लाख रुपये की नकदी और गहनों की चोरी का मास्टरमाइंड दंपती का ही भतीजा निकला है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल्स के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई, लेकिन चोरी का पूरा माल अभी बरामद नहीं हुआ है।
दंपती के भतीजे रोहित उर्फ गोलू को हिरासत में लिया गया है। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि उसने दोस्त लक्की बोरासी और सुधांशु प्रजापत के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। इनके अलावा एक और साथी भी शामिल था। चोरी के बाद यह साथी जेवर और नकदी लेकर फरार हो गया, इसलिए गोलू के पास से कोई रकम बरामद नहीं हुई।
पुलिस ने राजस्थान में भी जांच की, क्योंकि गोलू ने आरोपियों के वहां जाने की बात बताई थी, लेकिन वहां भी आरोपी नहीं मिले।
चोरी 7 फरवरी को डागर मोहल्ले के बाणेश्वरी कुंड के पास स्थित मकान में हुई थी। मकान मालिक विनोद यादव और उनकी पत्नी मनीषा वैष्णो देवी उस समय घर पर नहीं थे। जब वे लौटे तो चोरी का पता चला। घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज में दो चोर घर में दाखिल दिखे जबकि गोलू बाहर खड़ा था। पुलिस ने फुटेज और हुलिए के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की।
जांच में सामने आया कि चोरी से कुछ दिन पहले और बाद में गोलू, लक्की और सुधांशु लगातार मोबाइल पर संपर्क में थे। उन्होंने चोरी से पहले एक-दूसरे को मैसेज कर बाहर बुलाया था। चोरी के बाद सुधांशु, लक्की और उनका साथी बिना गोलू को हिस्सा दिए फरार हो गए। डर के कारण गोलू ने किसी को कुछ नहीं बताया। घटना की रात वह देर तक गली में घूमता नजर आया, जिससे पुलिस का शक उस पर और गहरा गया।
पुलिस ने बताया कि गोलू ने चाचा के लाखों के प्लॉट बेचने की जानकारी अपने दोस्तों को दी थी और इसी के आधार पर 6-7 फरवरी की रात चोरी की योजना बनाई गई। विनोद यादव ने रामनगर क्षेत्र में एक प्लॉट बेचा था और उस सौदे से मिले 35 लाख रुपये घर में रखे थे।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मौके पर जांच जारी है और कुछ संदिग्धों की पहचान हो गई है। आरोपी और चोरी का माल ढूंढने के लिए कार्रवाई जारी है।
