इंदौर । मध्य प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाइयां देने और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शुरू की गई पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा हेली अपने शुरुआती दौर में ही संघर्ष करती नजर आ रही है। इंदौर, उज्जैन और ओंकारेश्वर को हवाई मार्ग से जोड़ने वाली इस विशेष हेलीकॉप्टर सेवा के शुभारंभ को अभी एक सप्ताह ही हुआ है, लेकिन इसे यात्रियों का भारी टोटा कमी झेलना पड़ रहा है। आलम यह है कि 50 प्रतिशत तक की छूट देने के बावजूद बुकिंग्स नहीं आ रही हैं जिसके चलते रोजना उड़ानों का संचालन ठप पड़ गया है।
बुकिंग पोर्टल पर तकनीकी पेंच और यात्रियों की बेरुखी इस सेवा की शुरुआत बड़े उत्साह के साथ की गई थी लेकिन जमीनी हकीकत चिंताजनक है। यात्रियों की कमी के साथ-साथ ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम में भी खामियां नजर आ रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक बुकिंग पोर्टल पर केवल 29 नवंबर की तारीख के लिए स्लॉट दिखाई दे रहे थे जबकि इसके बाद की तारीखें या दिसंबर माह के लिए बुकिंग का विकल्प ही नजर नहीं आ रहा है। इस तकनीकी अस्पष्टता और अनिश्चितता के कारण भी श्रद्धालु इस सेवा से दूरी बना रहे हैं। यह स्थिति बिल्कुल पीएमश्री वायु सेवा जैसी ही है जहाँ सुविधाओं के बावजूद यात्रियों की कमी बनी हुई है।
किराए का गणित: डिस्काउंट के बाद भी आम आदमी की पहुंच से दूर प्रशासन ने यात्रियों को लुभाने के लिए इंदौर से उज्जैन के किराए में 50 प्रतिशत की भारी छूट दी है। इस डिस्काउंट के बाद एक यात्री का किराया 5,000 रुपये तय किया गया है। बावजूद इसके, यह राशि आम श्रद्धालुओं को आकर्षित करने में नाकाम साबित हो रही है। सड़क मार्ग से यह दूरी बहुत कम समय और कम खर्च में तय हो जाती है इसलिए यात्री इतना महंगा टिकट खरीदने से कतरा रहे हैं।
-वहीं अन्य रूट्स के किराए की बात करें तो
-उज्जैन से ओंकारेश्वर: 6,500 रुपये
-इंदौर से उज्जैन होते हुए ओंकारेश्वर: 11,500 रुपये
इतने महंगे किराए के कारण एक ही दिन में दो ज्योतिर्लिंगों के दर्शन की यह योजना मध्यम वर्गीय परिवारों के बजट से बाहर है।बुकिंग होगी, तभी उड़ेगा हेलीकॉप्टर यात्रियों की कमी का सीधा असर संचालन पर पड़ा है। यह सेवा अब शेड्यूल्ड फ्लाइट की जगह ऑन डिमांड बनकर रह गई है। भारत एविएशन हेलीकॉप्टर के प्रतिनिधि अंशु कुमार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि नियमित उड़ानें नहीं भरी जा रही हैं। उन्होंने बताया कि जिस दिन बुकिंग आती है, केवल उसी दिन उड़ान संचालित की जा रही है। खाली हेलीकॉप्टर उड़ाना कंपनी के लिए घाटे का सौदा है इसलिए बिना कंफर्म बुकिंग के रोटर नहीं घूम रहे।
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की थी मंशा गौरतलब है कि करीब एक सप्ताह पहले इंदौर के बिचौली मर्दाना मैदान से इस हेलीकॉप्टर सेवा का भव्य शुभारंभ किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य यह था कि बाहर से आने वाले श्रद्धालु या वीआईपी VIP यात्री एक ही दिन में इंदौर से जाकर उज्जैन महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर के दर्शन कर वापस लौट सकें। यह पहल समय बचाने और आरामदायक यात्रा के लिए थी लेकिन फिलहाल यह अपनी लागत निकालने में भी संघर्ष कर रही है।फिलहाल इंदौर-उज्जैन हेलीकॉप्टर सेवा को पटरी पर लाने के लिए प्रबंधन को किराए की समीक्षा और मार्केटिंग पर जोर देना होगा। साथ ही बुकिंग पोर्टल की तकनीकी खामियों को दूर करना बेहद जरूरी है अन्यथा एक अच्छी पहल यात्रियों के अभाव में दम तोड़ सकती है।
