8 जुलाई 1966 को Raipur में जन्मे जस्टिस सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी ने वर्ष 1992 में अपने विधिक करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने करीब 24 वर्षों तक मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में वकालत की और इस दौरान सिविल, क्रिमिनल और संवैधानिक मामलों में सक्रिय रूप से पैरवी की। उनके लंबे अनुभव और कानूनी समझ के कारण उन्हें न्यायिक क्षेत्र में विशेष पहचान मिली।
वकालत के दौरान उन्होंने 2000 से 2015 तक केंद्र सरकार के लिए स्टैंडिंग काउंसिल के रूप में भी काम किया।
बाद में उन्हें 7 अप्रैल 2016 को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। इसके बाद 17 मार्च 2018 को उन्हें स्थायी न्यायाधीश के रूप में पुष्टि मिली। न्यायिक कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई की और न्यायिक व्यवस्था में अहम योगदान दिया।
चीफ जस्टिस बनने से पहले उनका तबादला 23 अप्रैल 2025 को Kerala High Court में किया गया था।
केरल हाईकोर्ट में कार्यरत रहते हुए जस्टिस धर्माधिकारी हाल ही में चर्चित फिल्म The Kerala Story 2: Goes Beyond से जुड़े मामले की सुनवाई में भी शामिल रहे। इस मामले में एकल न्यायाधीश द्वारा फिल्म की रिलीज पर 15 दिनों की अस्थायी रोक लगाए जाने के आदेश के खिलाफ अपील दायर की गई थी।
बताया जा रहा है कि जस्टिस धर्माधिकारी की नियुक्ति Manindra Mohan Shrivastava के सेवानिवृत्त होने के दिन 5 मार्च को प्रभावी हुई है। उनकी नियुक्ति को न्यायिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है और इससे मध्यप्रदेश न्यायिक व्यवस्था की प्रतिष्ठा भी बढ़ी है।
