मुरैना । अपनी बंदूक संस्कृति और हथियारों के शौक के लिए देश भर में चर्चित मुरैना जिले में अब कानून का डंडा चलने वाला है। पुलिस प्रशासन ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए 2,148 शस्त्र लाइसेंसों को निलंबित करने की अनुशंसा कलेक्टर से की है। ये सभी वे लाइसेंस धारी हैं, जिनके नाम पुलिस के आपराधिक रिकॉर्ड में दर्ज पाए गए हैं।
30 दिवसीय विशेष अभियान का परिणाम
मुरैना पुलिस अधीक्षक SP समीर सौरभ के निर्देशन में 15 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक एक महीने का सघन अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले के सभी लाइसेंस धारियों के चरित्र और आपराधिक इतिहास का सत्यापन करना था। डिजिटल जांच: पुलिस ने विभिन्न शासकीय पोर्टल और थानों के रिकॉर्ड का मिलान किया। चौंकाने वाला खुलासा: जांच में पाया गया कि जिले के 2,148 लाइसेंस धारी ऐसे हैं जिनके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, अवैध वसूली और मारपीट जैसे गंभीर मामले विभिन्न थानों में दर्ज हैं।
निलंबन की अनुशंसा और कलेक्टर का निर्णय
निलंबन की अनुशंसा और कलेक्टर का निर्णय
नियमों के अनुसार, किसी भी व्यक्ति का शस्त्र लाइसेंस उसके ‘साफ-सुथरे चरित्र’ पर आधारित होता है। यदि कोई लाइसेंस धारी किसी आपराधिक गतिविधि में संलिप्त पाया जाता है, तो उसका लाइसेंस जनहित और सुरक्षा की दृष्टि से रद्द किया जा सकता है। पुलिस अधीक्षक ने इन सभी 2,148 मामलों की विस्तृत फाइल तैयार कर कलेक्टर को भेज दी है। अब कलेक्टर जिला दंडाधिकारी इन लाइसेंसों के निलंबन और अंततः उन्हें स्थायी रूप से रद्द करने पर अंतिम निर्णय लेंगे।
कुख्यात ‘बंदूक संस्कृति’ पर लगाम की कोशिश
चंबल अंचल के मुरैना जिले में हथियारों को ‘शान’ का प्रतीक माना जाता है, लेकिन अक्सर यही हथियार आपसी रंजिश, हर्ष फायर और वर्चस्व की लड़ाई में खून खराबे का कारण बनते हैं। हाल के वर्षों में मुरैना में अवैध हथियारों के साथ-साथ वैध हथियारों के दुरुपयोग के मामले भी बढ़े हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से उन अपराधियों में हड़कंप मच गया है जो लाइसेंस की आड़ में अपराधों को अंजाम देते थे।
अभियान के मुख्य आंकड़े
अभियान की अवधि: 15 दिसंबर 2025 – 15 जनवरी 2026 कुल चिह्नित लाइसेंस धारी: 2,148, कारण: आपराधिक प्रकरणों में संलिप्तता F.I.R दर्ज होना अंतिम निर्णयकर्ता: जिला कलेक्टर, मुरैना
