करीब 1.86 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह आधुनिक दो मंजिला भवन पुलिस हाउसिंग के माध्यम से विकसित किया गया है। इस भवन को विशेष रूप से आधुनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है ताकि पुलिस कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बन सके। इसमें कुल 9 कमरे बनाए गए हैं जिनमें विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक कार्यों को संचालित किया जाएगा। भवन में अत्याधुनिक संचार व्यवस्था स्थापित की गई है जिससे जिले के विभिन्न थानों के बीच तेज और बेहतर समन्वय सुनिश्चित होगा।
नए कंट्रोल रूम की सबसे बड़ी खासियत इसका उन्नत सीसीटीवी मॉनिटरिंग सिस्टम है। इसके माध्यम से शहर के प्रमुख क्षेत्रों पर चौबीसों घंटे नजर रखी जाएगी। इससे न केवल अपराधों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी बल्कि किसी भी घटना की स्थिति में पुलिस तुरंत और प्रभावी कार्रवाई कर सकेगी। हाईटेक तकनीक के उपयोग से पुलिस की प्रतिक्रिया क्षमता में उल्लेखनीय सुधार आने की उम्मीद है।
आईजी हिमानी खन्ना ने इस अवसर पर कहा कि आधुनिक तकनीक से लैस यह कंट्रोल रूम पुलिसिंग को नई दिशा देगा। उन्होंने बताया कि इससे न केवल सूचनाओं का बेहतर प्रबंधन होगा बल्कि घटनाओं पर त्वरित और सटीक कार्रवाई भी संभव होगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की सुविधाएं पुलिस और जनता के बीच विश्वास को और मजबूत करेंगी।
कंट्रोल रूम के शुरू होने से शहर की सुरक्षा व्यवस्था में एक नया अध्याय जुड़ गया है। अब पुलिस को शहर के विभिन्न हिस्सों की वास्तविक समय में जानकारी मिल सकेगी जिससे अपराधियों पर नकेल कसना और भी आसान होगा। यह पहल न केवल कानून व्यवस्था को मजबूत करेगी बल्कि नागरिकों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने में भी अहम भूमिका निभाएगी।
इस आधुनिक कंट्रोल रूम के माध्यम से छतरपुर पुलिस अब पहले से अधिक सतर्क सक्रिय और तकनीकी रूप से सक्षम हो गई है। इससे शहर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने में मदद मिलेगी और पुलिसिंग का स्तर और अधिक प्रभावशाली होगा। यह परियोजना भविष्य में अन्य जिलों के लिए भी एक आदर्श मॉडल बन सकती है।
