कैबिनेट बैठक में युवाओं के लिए नई पहल मुख्यमंत्री यंग इंटर्न्स फॉर गुड गवर्नेंस प्रोग्राम की शुरुआत की घोषणा भी हुई। इसके तहत 4 865 युवाओं को मासिक 10 हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा। यह योजना अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन संस्थान के माध्यम से संचालित होगी। हर ब्लॉक में 15 युवा इस योजना से जुड़े रहेंगे। ये युवा सरकार की योजनाओं का जमीन स्तर पर इम्पैक्ट और उनकी चुनौतियों की जानकारी जुटाएंगे। यह तीन वर्षों तक संचालित होगी और डिजिटल माध्यम से आंकड़े एकत्र करने का कार्य भी करेगी।
किसानों के हित में भी कैबिनेट ने कई अहम फैसले लिए। गेंहू उपार्जन का समर्थन मूल्य 2 625 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है जिसमें केंद्र सरकार का 2 585 रुपये और प्रदेश सरकार का 40 रुपये प्रति क्विंटल शामिल है। इसके अलावा उड़द पर 600 रुपये प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य भी तय किया गया।
मंत्रि परिषद ने सात विभागों की योजनाओं को अगले पांच वर्षों तक सतत जारी रखने की स्वीकृति दी है। यह योजना कुल 33 240 करोड़ रुपये की है। इनमें ऊर्जा विभाग की RDSS योजना वित्त विभाग के पब्लिक फंडिंग प्रोजेक्ट्स पंचायत और ग्रामीण विकास के परिसंपत्ति मरम्मत प्रोजेक्ट समेत अन्य योजनाएं शामिल हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बड़ा कदम उठाया गया है। मैहर कैमूर और निमरानी के अस्पतालों में 51 नए स्टाफ पदों को मंजूरी दी गई जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और उपलब्धता बढ़ेगी।
कैबिनेट ने प्रदेश में कमर्शियल सिलेंडर की डिलीवरी पर रोक को जारी रखने का भी निर्णय लिया। केंद्र सरकार के युद्ध के हालातों के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री ने पेट्रोलियम पदार्थों की सतत निगरानी के निर्देश दिए ताकि आपूर्ति और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सके। कैबिनेट मंत्री चेतन्य कश्यप ने कहा कि मध्यप्रदेश में पेट्रोलियम की पर्याप्त उपलब्धता है और युद्ध से राज्य पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
इस तरह कैबिनेट की बैठक ने नागरिकों युवाओं और किसानों के लिए कई राहतकारी फैसले लिए हैं। मुफ्त रजिस्ट्री युवा इंटर्न योजना और समर्थन मूल्य बढ़ाने जैसे कदमों से शासन की पारदर्शिता और जनता के हित में काम करने की प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है।
