बुधवार और गुरुवार की रात भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत 20 से अधिक शहरों में न्यूनतम तापमान 15 डिग्री के पार रहा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह गर्माहट अधिक समय टिकने वाली नहीं है। अगले 48 घंटों में एक बार फिर पारा तेजी से गिर सकता है। प्रदेश के कई हिस्सों में सुबह घना कोहरा छाया रहा। भोपाल में पूरे दिन धुंध बनी रही और सुबह विजिबिलिटी घटकर 1000 मीटर तक पहुंच गई। सीहोर, नर्मदापुरम, रीवा समेत कई जिलों में कोहरे के कारण यातायात भी प्रभावित हुआ।
लंबी शीतलहर के बाद मिली मामूली राहत
6 नवंबर से प्रदेश में कड़ाके की ठंड की शुरुआत हुई थी। हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में समय से पहले हुई बर्फबारी का सीधा असर मध्य प्रदेश में दिखा और 15 दिन लंबी शीतलहर चली—1931 के बाद यह सबसे लंबी अवधि रही। भोपाल में न्यूनतम पारा 5.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो शहर का सर्वकालिक रिकॉर्ड है। इंदौर ने भी 25 साल पुराना नवंबर रिकॉर्ड तोड़ा। लेकिन 22 नवंबर के बाद हवाओं की दिशा बदलते ही शीतलहर का असर कम हो गया और मौसम में राहत महसूस की गई, हालांकि यह राहत ज्यादा दिन रहने की संभावना नहीं है।
वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से फिर बढ़ सकती है ठंड
मौसम विभाग के अनुसार पाकिस्तान और अफगानिस्तान के ऊपर सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस अगले 2–3 दिनों में हिमालयी क्षेत्र में प्रवेश करेगा। इसके प्रभाव से उत्तरी भारत में ठंड बढ़ेगी और वही ठंडी हवाएं मध्य प्रदेश तक पहुंचकर दोबारा ठिठुरन बढ़ा सकती हैं।
तापमान में तेज उतार-चढ़ाव जारी
पिछले 24 घंटों में प्रदेश भर में तापमान में बड़े बदलाव दर्ज हुए।
भोपाल: 15°C
इंदौर: 16.3°C
उज्जैन: 17°C
जबलपुर: 13.6°C
रीवा व नौगांव: पारा 10°C से नीचे
रतलाम, खंडवा, सागर, गुना, धार, नर्मदापुरम: 15–18.8°C
दिन के तापमान में भी तेजी आई और उज्जैन, खंडवा, खरगोन, इंदौर सहित कई शहरों में पारा 29°C के ऊपर पहुंच गया। मौसम विभाग का कहना है कि पिछले एक सप्ताह में कई शहरों में रात का तापमान करीब 8 डिग्री तक बढ़ा है।
