मध्य प्रदेश । महाराष्ट्र के सीमावर्ती जिलों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट आया है। राज्य के पिछले विशेष गहन पुनरीक्षण एसआईआर की मतदाता सूची अब ऑनलाइन उपलब्ध हो गई है जिससे उन मतदाताओं को राहत मिलेगी जिन्हें पहले गणना पत्रक भरने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था। यह सुविधा अब बूथ लेवल आफिसर बीएलओ मोबाइल एप पर भी उपलब्ध है जिससे गणना पत्रक भरने और वोटर लिस्ट से संबंधित समस्याओं का समाधान सरल हो जाएगा।
महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में राहत
महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थित मतदाता गणना पत्रक भरने में एक बड़ी कठिनाई का सामना कर रहे थे। कारण था कि महाराष्ट्र के पिछले एसआईआर की मतदाता सूची ऑनलाइन उपलब्ध नहीं थी, जिससे इन क्षेत्रों के मतदाताओं को गणना पत्रक में महाराष्ट्र से संबंधित विवरण दर्ज करने में समस्या होती थी। अब इस नई व्यवस्था के तहत, मतदाता आसानी से अपनी जानकारी ऑनलाइन प्राप्त कर सकेंगे और गणना पत्रक में सही जानकारी भर सकेंगे।
बीएलओ या अन्य चुनाव अधिकारी अब महाराष्ट्र के एसआईआर की मतदाता सूची से संबंधित दावों आपत्तियों और सत्यापन के दौरान अधिक सटीक तरीके से काम कर सकेंगे। यह एक प्रमुख सुधार है क्योंकि इससे सीमावर्ती जिलों के मतदाताओं को कोई परेशानी नहीं होगी और वे चुनाव संबंधी प्रक्रियाओं में भाग ले सकेंगे।
बीएलओ मोबाइल एप और ऑनलाइन जानकारी की उपलब्धता
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अधिकारियों के अनुसार, बीएलओ एप अब इस सूची को सहजता से ऑनलाइन उपलब्ध कराएगा जिससे मतदाता अपनी जानकारी को जांच सकते हैं और सही विवरण भर सकते हैं। इसके अलावा मतदाता अपनी जानकारी प्राप्त करने के लिए क्षेत्रीय बीएलओ या नजदीकी हेल्प डेस्क से भी संपर्क कर सकते हैं। यह सुविधा खासतौर पर उन लोगों के लिए है जिनकी जानकारी पुराने रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं थी। इसके अलावा मतदाता voters.eci.gov.in और ceoelection.mp.gov.in जैसी आधिकारिक वेबसाइटों पर भी अपनी जानकारी ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं जिससे उन्हें इस प्रक्रिया में कोई रुकावट नहीं आएगी।
गणना पत्रक भरने के लिए ओटीपी की आवश्यकता नहीं
इस बार एक और महत्वपूर्ण सुधार यह किया गया है कि मतदाता गणना पत्रक भरने के लिए ओटीपी वन टाइम पासवर्ड की आवश्यकता नहीं होगी। पहले जब मतदाता किसी जानकारी को अपडेट या सत्यापित करते थे तो उन्हें ओटीपी का सामना करना पड़ता था लेकिन अब इस प्रक्रिया को सरल बना दिया गया है। बीएलओ और अन्य अधिकारी बिना ओटीपी के गणना पत्रक भरने में मदद कर सकेंगे जिससे इस प्रक्रिया में और तेजी आएगी।
कांग्रेस का सवाल
कांग्रेस पार्टी ने पहले इस मुद्दे को उठाया था और महाराष्ट्र के एसआईआर की मतदाता सूची ऑनलाइन न होने पर चिंता व्यक्त की थी। पार्टी का आरोप था कि इससे सीमावर्ती क्षेत्रों के मतदाताओं को असुविधा हो रही थी क्योंकि वे सही तरीके से गणना पत्रक नहीं भर पा रहे थे। अब जब यह समस्या हल हो गई है तो यह कदम चुनाव प्रक्रिया को और पारदर्शी और सुलभ बनाएगा।
2003 की मतदाता सूची से संबंधित जानकारी
मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा ने भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी मतदाता को 2003 की मतदाता सूची में अपने या अपने माता-पिता या दादा-दादी के संबंधी जानकारी की आवश्यकता हो तो वे अपने क्षेत्र के बीएलओ या नजदीकी हेल्प डेस्क से संपर्क कर सकते हैं। इससे मतदाताओं को अपनी जानकारी हासिल करने में और अधिक सहूलत मिलेगी।
