भोपाल। भोपाल से गिरफ्तार आतंकवादी सैयद अदनान अब साबित हो गया है कि वह ISIS का सोशल मीडिया हैंडलर था। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि जमानत मिलने के बाद अदनान ने कट्टरपंथी पोस्ट करने और समान विचारधारा वाले युवकों को भर्ती करने की गतिविधियों में तेजी पकड़ ली थी।
ज्ञानवापी मस्जिद मामले में धमकी
वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के सर्वे वाले जज को धमकाने वाली पोस्ट अदनान ने इंस्टाग्राम पर की थी। जज की फोटो पर ‘काफिर’ लिखा और उन्हें मारने के लिए उकसाया। इसके बाद लखनऊ पुलिस ने UAPA के तहत केस दर्ज किया।
जिहादी पेज और कट्टरपंथी कंटेंट
अदनान ने 12वीं के बाद जिहादी पेज और चैनलों को फॉलो करना शुरू किया।
सीरिया स्थित ISIS कमांडर से संपर्क में रहते हुए वह इंटरनेट से जेहादी वीडियो जुटाता, उन्हें फर्जी तरीके से एडिट और प्रचारित करता था।
वह ‘सात-उल-उम्माह’ और ‘वॉयस ऑफ इंडिया’ जैसे ग्रुप्स का सक्रिय सदस्य था, जिनमें 1000 से अधिक ISIS मेंबर्स थे।
परिवार और पृष्ठभूमि
भोपाल वाला अदनान:
मिडिल क्लास परिवार, पिता प्राइवेट फर्म में अकाउंटेंट, मां पार्ट टाइम एक्ट्रेस।
6–10 साल की उम्र तक मदरसे में पढ़ाई, बाद में कट्टरपंथ की ओर झुकाव।
12वीं के बाद चार्टर्ड अकाउंटेंट की तैयारी कर रहा था।
दिल्ली वाला अदनान:
यूपी के एटा जिले से, सरकारी फ्लैट में रहने के बाद इंस्टाग्राम पर कट्टरपंथी पेज फॉलो किया।
ISIS खलीफा के प्रति निष्ठा की शपथ ली और वीडियो भी बनाया।
गिरफ्तारी और जांच
अदनान को 18 अक्टूबर की सुबह 4 बजे दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया।
कमरे से कट्टरपंथी किताबें और लैपटॉप जब्त किए गए।
पूरी कार्रवाई सुपर गोपनीयता में की गई, ताकि पड़ोसियों और स्थानीय पुलिस को भनक भी न लगे।
आतंकवादी नेटवर्क का गंभीर संकेत
चार साल पहले भोपाल में ATS ने जमात-ए-मुजाहिदीन के 4 आतंकियों को गिरफ्तार किया था। वे स्लीपर सेल के रूप में सक्रिय थे। अदनान की गिरफ्तारी यह दिखाती है कि देश में सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को भर्ती करने वाला अंतरराज्यीय नेटवर्क अब भी सक्रिय है।
