जनपद अध्यक्ष पृथ्वीराज सिंह ने मामले की शिकायत कलेक्टर और कमिश्नर से की। अध्यक्ष का आरोप था कि नए भवन निर्माण के लिए 2 एकड़ भूमि की जरूरत है, लेकिन जिस जमीन (सर्वे क्रमांक 984) पर तहसील और एसडीएम कार्यालय बन रहे हैं, वहां पर्याप्त जगह नहीं बची।
इस मुद्दे पर SDM खाचरौद, नेहा साहू ने बयान दिया कि अधिकारियों को पर्याप्त जमीन उपलब्ध है और विवादित जानकारी गलत तरीके से फैल रही है। उन्होंने जनपद अध्यक्ष को ऑनलाइन आवेदन कर सही भूमि निर्धारित करने का विकल्प भी दिया।
जानकारी के मुताबिक, जनपद भवन और तहसील कार्यालय दोनों के निर्माण का उद्देश्य स्थानीय प्रशासनिक कार्यों को आधुनिक और सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करना है।
यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि जनपद के विकास और सरकारी सेवाओं के सुचारू संचालन के लिए भवन निर्माण और भूमि का सही प्रबंधन अहम है। वहीं, अधिकारियों ने भी कहा है कि परियोजना की समीक्षा के दौरान सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है और जल्द ही निर्माण कार्य सुचारू रूप से शुरू किया जाएगा।
इस घटनाक्रम ने स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों के बीच जमीन आवंटन और योजना कार्यान्वयन में पारदर्शिता की
आवश्यकता को उजागर किया है। जनता की निगाहें अब इस पर टिकी हैं कि प्रशासन इस समस्या का स्थायी और शीघ्र समाधान कैसे करेगा।
