ग्वालियर। मध्यप्रदेश के भितरवार क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। बिजली विभाग द्वारा केस दर्ज किए जाने के सदमे ने एक परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। बेटे की शादी में जहां ढोल-ताशे बजने थे, वहीं चिता की लपटों में एक पिता की सांसें थम गईं। दरअसल, 22 नवंबर को बिजली बिल बकाया रहने पर काटे गए कनेक्शन को दोबारा जोड़ने को लेकर हुए विवाद की परिणति 28 नवंबर की रात एक दुखद मौत के रूप में हुई।
दो लाख रुपये का बकाया, कनेक्शन काटा-फिर विवाद
सूत्रों के अनुसार, राजू सोनी के नाम पर करीब दो लाख रुपये का बिजली बिल बकाया था। 22 नवंबर को विभाग ने उनका कनेक्शन काट दिया। इसके बाद कनेक्शन दोबारा जोड़ने की कोशिश के दौरान बिजली विभाग के कर्मचारियों से बहस हो गई।
अगले ही दिन विभाग ने राजू सोनी और उनके बेटे के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करा दिया। इसी FIR ने पूरे परिवार का सुकून छीन लिया।
केस दर्ज होते ही टूट गया मनोबल -परिवार का दर्द
परिजनों का कहना है कि केस दर्ज होने के बाद से ही राजू सोनी गहरी चिंता और तनाव में रहने लगे थे। शादी की तैयारियों के बीच वे हर समय यही सोचकर परेशान रहते कि अब क्या होगा, मामला कैसे सुलझेगा, और घर का माहौल कैसे संभलेगा। तनाव इतना बढ़ गया कि 28 नवंबर की रात उन्हें दिल का दौरा पड़ा। अस्पताल ले जाने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया। दो दिन बाद शादीऔर बेटे ने मेहंदी लगे हाथों से पिता को दी मुखाग्नि घर में 30 नवंबर को बेटे की शादी होनी थी। मेहमानों की सूची तैयार थी टेंट की बुकिंग हो चुकी थी रिश्तेदार आने लगे थे। लेकिन अचानक हुई इस त्रासदी ने परिवार की खुशियाँ एक पल में खत्म कर दीं। सबसे दिल को चीर देने वाला दृश्य वह था जब दूल्हा बने बेटे ने मेहंदी लगे हाथों से अपने पिता को मुखाग्नि दी। रिश्तेदार, गांव वाले और पड़ोसी यह दृश्य देखकर फफक पड़े।
गाँव में शोक, बिजली विभाग की कार्यवाही पर सवाल
घटना के बाद गांव में शोक की लहर है। लोग बिजली विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं कि क्या विवाद की परिस्थितियों में इतनी सख्त कानूनी कार्रवाई की जरूरत थी? क्या तनाव से बचाने के लिए कोई मध्यस्थता या समाधान तलाश नहीं किया जा सकता था? इस हृदयविदारक घटना ने दिखा दिया है कि एक सरकारी कार्रवाई कभी-कभी कितनी गहरी मानवीय त्रासदी बन जाती है।
