नई दिल्ली। भोपाल से दिल्ली तक राजनीतिक गलियारों में चर्चा का नया मुद्दा बन गया है कि कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने कथित तौर पर कहा कि “खूबसूरत लड़की दिखे तो दिमाग विचलित हो सकता है, रेप हो सकता है”, जिससे महिलाओं के सम्मान और समाज की संवेदनशीलता को ठेस पहुंची है। इस बयान की चर्चा सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई और राजनीतिक दलों ने इसे गंभीर मुद्दा बनाकर कांग्रेस पर हमला करना शुरू कर दिया।
BJP ने इसे केवल बयान नहीं, बल्कि अपराध को सामान्य करने वाली विकृत मानसिकता बताया है।
BJP मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने इस बयान को जुबान की फिसलन मानने से इनकार किया और कहा कि यह सोच स्त्री-विरोधी और दलित-विरोधी है। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं को ‘खूबसूरती’ के पैमाने पर तौलकर उनके खिलाफ अपराध को सामान्य भाषा में जोड़ना समाज के लिए खतरनाक संकेत है। BJP का कहना है कि यह मुद्दा सिर्फ राजनीति का नहीं, बल्कि समाज की सोच और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ा है।
इसके साथ ही BJP ने कांग्रेस नेतृत्व पर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी ने कहा कि राहुल गांधी के मध्यप्रदेश दौरे से पहले इस तरह का बयान सामने आना चिंताजनक है और देश जानना चाहता है कि क्या यही कांग्रेस की असली सोच है। BJP ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार से भी इस मामले पर स्पष्टीकरण की मांग की है।
BJP ने साफ कहा है कि अब कांग्रेस की चुप्पी स्वीकार नहीं की जाएगी। पार्टी ने दो विकल्प दिए हैंया तो फूल सिंह बरैया से सार्वजनिक माफी दिलाई जाए और उन्हें पार्टी से बाहर किया जाए, या फिर कांग्रेस को यह स्वीकार करना होगा कि वह महिला विरोधी और दलित विरोधी सोच के साथ खड़ी है।
BJP नेताओं का कहना है कि महिलाओं के सम्मान पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता और नारी देवी को कभी भी ‘प्रयोग की वस्तु’ नहीं बनने दिया जाएगा।
अब यह देखना बाकी है कि कांग्रेस इस विवाद पर क्या रुख अपनाती हैक्या वह माफी और कार्रवाई के साथ स्थिति को नियंत्रित करती है, या चुप्पी और तर्क-वितर्क के बीच यह मुद्दा और भी बड़ा बन जाएगा।