रेल मंत्रालय ने इस पहल के जरिए शिकायत प्रक्रिया को अधिक गोपनीय (Confidential) और त्वरित बनाने का उद्देश्य रखा है। अब महिला कर्मचारी बिना किसी मध्यस्थ के सीधे अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज कर सकती हैं, जो संबंधित नॉमिनेटेड कमेटी तक पहुंचेगी। यह सुविधा सिर्फ नियमित कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि कॉन्ट्रैक्ट वर्कर, स्टूडेंट्स और बाहरी विजिटर्स भी इसे इस्तेमाल कर अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
रेलवे के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी जोनों में इंटरनल कंप्लेंट (IC) कमिटी और संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द नॉमिनेट करें, ताकि शिकायतों का समाधान समय पर हो। कर्मचारी इस मॉड्यूल तक Employee Self Service (ESS) के माध्यम से आसानी से पहुंच सकते हैं।
रेल मंत्रालय ने बताया कि SHINE मॉड्यूल की सबसे बड़ी खासियत इसकी केंद्रीकृत निगरानी और त्वरित एक्सेस है। इससे न केवल शिकायत दर्ज करने वाली महिला कर्मचारी की गोपनीयता सुनिश्चित होगी, बल्कि निवारण प्रक्रिया में तेजी भी आएगी।
इस पहल के माध्यम से रेलवे महिलाओं के सशक्तिकरण, सुरक्षित कार्यस्थल और डिजिटल शिकायत समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। मंत्रालय का कहना है कि SHINE मॉड्यूल आने वाले समय में महिला कर्मचारियों के लिए सुरक्षा और विश्वास का प्रतीक बनेगा।
रेलवे में यह पहल ऐसे समय में आई है जब कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। महिला कर्मचारियों ने भी इस कदम को सराहा है और इसे कार्यस्थल को सुरक्षित और आत्मविश्वासपूर्ण बनाने वाला कदम बताया है।
