भोपाल । मध्यप्रदेश भाजपा के नए प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने आखिरकार अपनी नई टीम की घोषणा कर दी है। गुरुवार को पार्टी के केंद्रीय मुख्यालय से जारी सूची में प्रदेश संगठन की नई कार्यकारिणी के नाम सामने आए। खंडेलवाल ने प्रदेशाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालने के ठीक तीन महीने 21 दिन बाद इस टीम का गठन किया है। भाजपा की यह नई कार्यकारिणी अनुभव, संगठनात्मक मजबूती और युवा जोश का संतुलित मिश्रण मानी जा रही है।
नौ उपाध्यक्ष, चार महामंत्री और नौ मंत्री शामिल
नई कार्यकारिणी में नौ उपाध्यक्ष, चार महामंत्री और नौ मंत्री शामिल किए गए हैं। इनमें कई ऐसे चेहरे हैं जिन्होंने संगठन में पहले भी जिम्मेदार भूमिकाएँ निभाई हैं, जबकि कई नए चेहरों को इस बार पहली बार मौका मिला है। खास बात यह है कि पार्टी ने इस बार महिलाओं को भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया है। कुल सात महिला पदाधिकारिणियाँ इस नई टीम में शामिल की गई हैं, जिससे संगठन में महिला भागीदारी के विस्तार का संकेत मिलता है।

पुराने पदाधिकारियों पर फिर जताया भरोसा
प्रदेश संगठन की नई टीम में लता वानखेड़े, सुमेर सोलंकी, गौरव रणदिवे और राहुल कोठारी को प्रदेश महामंत्री बनाया गया है। इनमें लता वानखेड़े और राहुल कोठारी पहले प्रदेश मंत्री रह चुके हैं, जबकि गौरव रणदिवे और सोलंकी को नई जिम्मेदारी के रूप में पदोन्नति दी गई है। मौजूदा मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल को दोबारा वही जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिन्हें विधानसभा चुनाव से ठीक पहले लोकेंद्र पाराशर की जगह यह दायित्व दिया गया था।
रीवा संभाग के संगठन मंत्री रहे श्याम महाजन को प्रदेश कार्यालय मंत्री बनाया गया है, जबकि अखिलेश जैन को कोषाध्यक्ष के रूप में पुनः जिम्मेदारी दी गई है। यह दोनों नेता संगठन में अपनी कार्यकुशलता और स्थिरता के लिए जाने जाते हैं।
‘टीम हेमंत’ में उपाध्यक्ष पदों पर कई अहम बदलाव हुए हैं। वीडी शर्मा की टीम में महामंत्री रहे रणबीर सिंह रावत को अब उपाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं प्रदेश मंत्री के रूप में सक्रिय रही मनीषा सिंह को प्रमोशन देकर उपाध्यक्ष की कुर्सी सौंपी गई है। पूर्व संभागीय संगठन मंत्री शैलेंद्र बरुआ, मुख्यमंत्री के करीबी प्रभुलाल जाटव और ज्योतिरादित्य सिंधिया खेमे से जुड़े पूर्व मंत्री प्रभुराम चौधरी को भी उपाध्यक्ष बनाया गया है। इनके साथ कांत देव सिंह को दोबारा उपाध्यक्ष पद पर रखा गया है, जबकि मध्यप्रदेश युवा कल्याण आयोग के पूर्व अध्यक्ष निशांत खरे को पहली बार इस पद की जिम्मेदारी मिली है।
नई टीम में पार्टी के कई अनुभवी चेहरे भी अपनी जगह बनाए हुए हैं। रजनीश अग्रवाल, लोकेंद्र पाराशर, जयदीप पटेल और क्षितिज भट्ट जैसे नेताओं को पुनः मंत्री पद सौंपा गया है। इनके साथ ही संगठन ने कुछ नए चेहरों जैसे संगिता सोनी, राजेंद्र सिंह, अर्चना सिंह, राजो मालवीय और बबीता परमार को भी प्रदेश मंत्री के रूप में शामिल किया है। यह कदम पार्टी की उस नीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें अनुभवी कार्यकर्ताओं के साथ नए चेहरों को भी मंच पर लाने की रणनीति अपनाई जा रही है।
आगे भी नए पदाधिकारियों के लिए पार्टी में बनाए रखा स्थान
इस बार प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कार्यकारिणी गठन में बेहद संतुलित दृष्टिकोण अपनाया है। उन्होंने जातीय, क्षेत्रीय और लैंगिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए पदाधिकारियों का चयन किया है। खास बात यह है कि कुछ पद उन्होंने जानबूझकर रिक्त रखे हैं ताकि आने वाले समय में संगठनात्मक जरूरतों या राजनीतिक परिस्थिति के अनुसार नए नाम जोड़े जा सकें। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, खंडेलवाल की टीम में 13 ऐसे पदाधिकारी हैं जो पिछली कार्यकारिणी में भी शामिल थे, जबकि 16 नए कार्यकर्ताओं को इस बार मौका मिला है। इससे यह स्पष्ट होता है कि भाजपा ने इस बार संगठन में स्थायित्व के साथ-साथ नवाचार की भावना को भी प्राथमिकता दी है।
यदि पिछली कार्यकारिणी से तुलना करें तो विष्णुदत्त शर्मा की टीम में 14 उपाध्यक्ष, 14 मंत्री और 5 महामंत्री थे, जबकि इस बार कुछ पद घटाए गए हैं। संगठन का मानना है कि सीमित किन्तु प्रभावी टीम के साथ बेहतर कार्यसंयोजन और त्वरित निर्णय क्षमता सुनिश्चित की जा सकेगी।
मिशन 2029 की तैयारी में जुट चुकी है भाजपा
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि खंडेलवाल ने अपनी टीम बनाते हुए संगठन के भीतर के समीकरणों को बखूबी साधा है। उन्होंने उन चेहरों को महत्व दिया है जो प्रदेशभर में सक्रिय रहे हैं और कार्यकर्ताओं के बीच मजबूत पकड़ रखते हैं। साथ ही यह टीम आगामी लोकसभा चुनावों के मद्देनजर भाजपा की संगठनात्मक तैयारी को भी मजबूती देगी। बीजेपी की यह नई कार्यकारिणी ‘टीम हेमंत’ न केवल संगठन की नई दिशा का प्रतीक है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि पार्टी अब मिशन 2029 की तैयारी में जुट चुकी है। अनुभव, जोश और समर्पण के इस संगम से सजी यह टीम आने वाले दिनों में प्रदेश राजनीति की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली है।
