पत्नी ने सुनाया खास पल
उनकी पत्नी रिनिकी भुयान सरमा ने बताया कि 9 मई को जब हिमंता घर लौटे तो उन्होंने कहा- मुझे मुख्यमंत्री नामित किया गया है। यह सुनकर वह हैरान रह गईं और पूछा, कौन? इस पर उन्होंने जवाब दिया मैं। यह पल उनके परिवार के लिए बेहद खास था। इसके अगले दिन 10 मई को हिमंता बिस्वा सरमा ने गुवाहाटी में असम के 15वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। इस दौरान उनका पूरा परिवार मौजूद रहा।
छात्र राजनीति से शुरू हुआ सफर
हिमंता बिस्वा सरमा का राजनीतिक करियर छात्र जीवन से ही शुरू हो गया था। AASU से जुड़े 1994 में सक्रिय राजनीति में आए युवाओं और छात्रों के लिए कई काम किए 1996 में उन्होंने जलुकबारी से चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। हालांकि उन्होंने हार नहीं मानी और 2001 में पहली जीत हासिल की। इसके बाद से वह लगातार चुनाव जीतते आ रहे हैं और उनका कद राजनीति में बढ़ता गया।
कांग्रेस से BJP तक का सफर
हिमंता बिस्वा सरमा ने अपने करियर में बड़ा राजनीतिक बदलाव भी किया। पहले कांग्रेस में रहे 2015 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए इसके बाद उनका राजनीतिक ग्राफ तेजी से ऊपर गया 2021 में वह असम के मुख्यमंत्री बने। हिमंता बिस्वा सरमा की कहानी यह दिखाती है कि अगर इरादे मजबूत हों तो सपने जरूर पूरे होते हैं। एक युवा नेता का सपना आज मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंच चुका है, जो लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बन गया है।
