45 हजार के करीब किताबें और प्रिंटिंग प्रेस जब्त क्राइम ब्रांच ने इस ऑपरेशन के दौरान कुल 44,862 नकली किताबें बरामद की हैं। केवल किताबें ही नहीं, पुलिस ने गाजियाबाद के लोनी इलाके में चल रही एक पूरी अवैध फैक्ट्री को भी सील कर दिया है। यहाँ से दो अत्याधुनिक ऑफसेट प्रिंटिंग प्रेस मशीनें, कागज की रील, प्रिंटिंग इंक और एल्युमिनियम की प्लेटें जब्त की गई हैं। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह हूबहू असली जैसी दिखने वाली NCERT किताबें छाप रहा था, जिससे आम आदमी के लिए असली और नकली का फर्क करना नामुमकिन था।
दरियागंज से गाजियाबाद तक फैला था जाल इस कार्रवाई की शुरुआत 10 नवंबर 2025 को हुई थी, जब पुलिस को दरियागंज के एक गोदाम में नकली किताबों के स्टॉक की जानकारी मिली। वहां की गई छापेमारी में 12,755 किताबें बरामद हुईं। मामले की गहराई से जांच करते हुए पुलिस ने 16 जनवरी 2026 को गाजियाबाद के लोनी स्थित जावली गाँव में एक गुप्त प्रिंटिंग यूनिट पर धावा बोला। यहाँ से 32,107 अतिरिक्त किताबें और प्रिंटिंग का पूरा तामझाम बरामद हुआ। जांच में खुलासा हुआ कि यह फैक्ट्री दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे देश में सप्लाई का मुख्य केंद्र थी।
गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार, एक पुराना खिलाड़ी पुलिस ने इस मामले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया है विनोद जैन 65 वर्ष यह इस गिरोह का सबसे शातिर सदस्य है और पहले भी इसी तरह के जालसाजी के मामलों में शामिल रह चुका है। सुमित 35 वर्ष यह जावली स्थित अवैध फैक्ट्री का संचालन देख रहा था। कनिष्क 32 वर्ष यह भी गिरोह के साथ मिलकर सप्लाई चेन को मैनेज कर रहा था। जांच अभी जारी है दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच अब इस गिरोह की पूरी सप्लाई चेन और उन थोक विक्रेताओं की पहचान करने में जुटी है, जो इन नकली किताबों को दुकानों तक पहुँचाते थे। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि शिक्षा क्षेत्र में इस तरह की धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अभिभावकों को भी सलाह दी गई है कि वे अधिकृत विक्रेताओं से ही किताबें खरीदें और किताबों पर लगे होलोग्राम और प्रिंट की गुणवत्ता की सावधानीपूर्वक जांच करें।
