लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला: संरक्षण हमारा संवैधानिक दायित्व
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि प्रकृति और मानव जीवन एक-दूसरे के पूरक हैं। जैव विविधता का संरक्षण केवल पर्यावरणीय आवश्यकता नहीं, बल्कि हमारे अस्तित्व की सुरक्षा का आधार है। उन्होंने भारत में वन और वन्यजीव संरक्षण की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में रामसर आर्द्रभूमियों की संख्या लगभग 100 तक पहुंच गई है। बिरला ने वन्यजीवों की रक्षा को कानूनी और नैतिक दायित्व बताते हुए आने वाली पीढ़ियों के लिए समृद्ध पर्यावरण सुनिश्चित करने का संकल्प साझा किया।
जम्मू-कश्मीर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा: सतत विकास और तालमेल
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि विश्व वन्यजीव दिवस पर हमें वन्य जीवन बचाने, इकोसिस्टम की रक्षा करने और इंसानी तरक्की तथा प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए मिलकर काम करना चाहिए।
केंद्रीय मंत्रियों के संदेश
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि विश्व वन्यजीव दिवस मनाते हुए हमें अपनी जैव विविधता को खतरों से बचाने और पारिस्थितिकी तंत्र को संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध रहना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि जंगलों से लेकर समुद्रों तक, हर प्रजाति प्रकृति का संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण है। वन्यजीवों की रक्षा करना केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारा फर्ज है।
विश्व वन्यजीव दिवस केवल जश्न का दिन नहीं, बल्कि जैव विविधता और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का अवसर है। भारत में नेतृत्वकर्ता और नागरिक मिलकर वन्य जीवन, पारिस्थितिकी तंत्र और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करने का संकल्प ले रहे हैं। यह दिन हर व्यक्ति को याद दिलाता है कि पृथ्वी की समृद्धि और संतुलन बनाए रखना हमारा साझा दायित्व है।
