हालांकि तेज प्रताप यादव ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी जातियों समुदायों और धर्मों का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा हिंदू मुस्लिम सिख और ईसाई सभी भाई हैं। किसी भी धर्म या जाति का अपमान नहीं होना चाहिए। मेरा आरोप केवल कांग्रेस के रवैये और उसके नेताओं के कार्यों पर है।
बिहार महिलाओं के खिलाफ टिप्पणी पर कार्रवाई की मांग
तेज प्रताप यादव ने उत्तराखंड की मंत्री के पति गिरधारी लाल साहू द्वारा बिहार की महिलाओं के खिलाफ की गई टिप्पणी पर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ऐसे अपमानजनक बयान देने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। तेज प्रताप ने सवाल उठाया वे किससे माफी मांगेंगे? क्या बिहार की बेटियों ने उन्हें माफ कर दिया है उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल माफी पर्याप्त नहीं है बल्कि ऐसे व्यक्तियों को बिहार आकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी होगी।
तेज प्रताप यादव के इस बयान ने राजनीतिक गलियारे में हलचल मचा दी है। कांग्रेस पार्टी के खिलाफ राम कृष्ण और महादेव के अपमान के आरोप और महिलाओं के सम्मान को लेकर उठाए गए मुद्दे आगामी राजनीतिक चर्चाओं में अहम भूमिका निभा सकते हैं। उनका कहना है कि धर्म और संस्कृति का सम्मान हर राजनीतिक दल और नागरिक की जिम्मेदारी है और इसे नजरअंदाज करना स्वीकार्य नहीं। तेज प्रताप का यह रुख न केवल कांग्रेस पर निशाना है बल्कि यह समाज और राजनीति में सांस्कृतिक और धार्मिक संवेदनशीलता बनाए रखने की दिशा में भी एक संदेश है।
