नई दिल्ली। बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने का नोटिस मिलने के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है। राबड़ी देवी को नया सरकारी आवास आवंटित किया जा चुका है, लेकिन राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने साफ कर दिया कि पूर्व मुख्यमंत्री यह आवास खाली नहीं करेंगी।इस बयान के बाद बिहार सरकार के मंत्री नितिन नबीन ने तीखी प्रतिक्रिया दी और इसे “अराजक भाषा” करार दिया।
मंत्री नबीन का बयान: समस्या का संवैधानिक समाधान होना चाहिए
मंत्री नबीन ने कहा, अगर उन्हें कोई परेशानी है तो विभाग को लिखें और आग्रह करें। सरकार उस पर निश्चित रूप से निर्णय लेगी।लेकिन इस तरह सार्वजनिक रूप से अराजक भाषा बोलना उचित नहीं है।”उन्होंने कहा कि सभी विवाद संवैधानिक और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के अनुसार सुलझाने चाहिए।
RJD के तर्क: सुरक्षा और सुविधा
RJD ने राबड़ी देवी का आवास खाली न करने के पीछे मुख्यतः तीन तर्क दिए हैंसुरक्षा और पूर्व मुख्यमंत्री का प्रोटोकॉल10 सर्कुलर रोड का आवास सुरक्षा मानकों (Z+ या Z श्रेणी) के हिसाब से सबसे उपयुक्त है।नया आवंटित आवास सुरक्षा और सुविधा के लिहाज से पर्याप्त नहीं है।नए आवास की अपर्याप्ततानया आवास परिवार और राजनीतिक गतिविधियों के लिए पर्याप्त जगह नहीं देता।पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलने और बैठकों के लिए आवश्यक स्थान की कमी है।
राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप
RJD का मानना है कि यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव बनाने और विपक्षी दल को असुविधा में डालने के उद्देश्य से की जा रही है।मंत्री नबीन ने SIR विवाद और विपक्ष के आरोपों पर कहा, देश के लोगों का देश के संसाधनों पर हक होना चाहिए। घुसपैठियों को यह हक नहीं दिया जा सकता।जो लोग अपने नागरिकों का अधिकार न देकर बाहरी लोगों को लाभ देना चाहते हैं, वह स्वीकार्य नहीं है।”
कानूनी परिप्रेक्ष्य: पूर्व मुख्यमंत्रियों के आवास नियम
पहले का नियम (आजन्म अधिकार): पहले बिहार में पूर्व मुख्यमंत्रियों को जीवनभर सरकारी आवास रखने का अधिकार था।सुप्रीम कोर्ट का फैसला (2018): सरकारी बंगले सार्वजनिक संपत्ति हैं; आजीवन अधिकार नहीं है।बिहार सरकार का संशोधन (2019 और बाद में): पूर्व मुख्यमंत्रियों को सामान्यतः 1-2 साल के लिए ही आवास रखने की अनुमति; बाद में आवास खाली करना या बाजार दर पर किराया देना आवश्यक।सुरक्षा का विशेष प्रावधान: कुछ पूर्व मुख्यमंत्रियों को सुरक्षा कारणों से आवास रखने की अनुमति दी जा सकती है।
राबड़ी देवी का मामला: चूंकि वह अब किसी पद पर नहीं हैं जिसके तहत विशेष आवास दिया जाता है, उन्हें सामान्य नियम के अनुसार नया आवास स्वीकार करना चाहिए। RJD सुरक्षा और सुविधा का हवाला देकर उनका पुराना आवास बनाए रखने की मांग कर रही है।
राजनीतिक और कानूनी विवाद का अंदेशा
RJD का साफ कहना है कि राबड़ी देवी 10 सर्कुलर रोड का आवास नहीं छोड़ेंगी, जिससे मामला कानूनी और राजनीतिक दोनों रूपों में विवादास्पद बन गया है।
राजनीतिक विशेषज्ञ इसे बिहार की सियासत में RJD और BJP के बीच एक नया टकराव बताते हैं, जो आगामी दिनों में और गरमाता दिखाई देगा।
