एयर इंडिया ने जताया आभार
एयर इंडिया ने बयान जारी कर कहा कि मौजूदा हालात में उनकी टीम लगातार समन्वय के साथ काम कर रही है और स्थिति को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। एयरलाइन ने सहयोग के लिए भारत सरकार, नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) और दुबई के स्थानीय अधिकारियों का धन्यवाद किया। साथ ही यात्रियों और क्रू मेंबर्स की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और जैसे ही अनुमति मिलेगी, और उड़ानें संचालित की जाएंगी।
अबू धाबी-बेंगलुरु फ्लाइट से भी लौटी राहत
सैन्य अभियानों के बाद पश्चिम एशिया के बड़े हिस्से में अस्थायी रूप से हवाई क्षेत्र बंद कर दिया गया था, जिससे खाड़ी देशों और भारत के बीच कई उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। हालांकि हवाई क्षेत्र के चरणबद्ध तरीके से खुलने के बाद कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल के साथ सीमित निकासी और वापसी उड़ानें शुरू की गईं। अबू धाबी से बेंगलुरु पहुंची फ्लाइट के यात्रियों ने बताया कि संघर्ष के दौरान हालात बेहद भयावह थे। एक यात्री ने कहा कि एयरलाइन ने होटल में ठहरने की व्यवस्था की थी, जहां आसपास विस्फोटों की आवाजें सुनाई देती थीं और मिसाइलों को रोके जाने की घटनाएं दिख रही थीं। भारत लौटने पर उन्हें बड़ी राहत महसूस हुई।
एक अन्य यात्री ने बताया कि एतिहाद एयरवेज ने रद्द उड़ानों से प्रभावित यात्रियों के लिए होटल और अन्य सहायता उपलब्ध कराई और अबू धाबी एयरपोर्ट पर फंसे लोगों की देखभाल की। इस बीच भारत की प्रमुख विमानन कंपनियों एयर इंडिया, इंडिगो, अकासा एयर और स्पाइसजेट ने मध्य पूर्व के लिए अपनी उड़ानें अस्थायी रूप से स्थगित कर दी थीं। खाड़ी मार्गों पर निर्भर कुछ यूरोप जाने वाली उड़ानें भी प्रभावित हुईं।
डीजीसीए की एहतियाती सलाह
नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एहतियात के तौर पर कई पश्चिम एशियाई देशों के ऊपर के हवाई क्षेत्र से बचने की सलाह दी थी और यात्रियों की शिकायतों के समाधान के लिए नियंत्रण कक्ष सक्रिय किए थे। इन व्यवधानों के कारण हजारों यात्री पश्चिम एशिया और भारत में फंसे रहे। अब सीमित उड़ानों की बहाली के साथ स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने लगी है, हालांकि सुरक्षा हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
