गैस की कीमत 500 रुपये प्रति किलो तक
मजदूरों का आरोप है कि गैस की कीमत अब लगभग 500 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है, जो उनकी पहुंच से बाहर है। एक मजदूर सचिन ने कहा कि पैसों की कमी और गैस न मिलने के कारण वे गांव लौटने को मजबूर हैं। वहीं, एक महिला मजदूर ने बताया कि गैस खत्म हुए एक सप्ताह हो गया है और लगातार प्रयास करने के बावजूद सिलिंडर नहीं मिल रहा। आर्थिक तंगी के चलते वह अपनी बेटी के साथ गांव जा रही हैं, जबकि परिवार के अन्य सदस्य सूरत में ही रहेंगे। मजदूरों ने स्पष्ट किया कि गैस आपूर्ति सामान्य होने पर वे काम पर लौटेंगे, लेकिन फिलहाल हालात ने उन्हें पलायन के लिए मजबूर कर दिया है।
उद्योगों में श्रमिकों की कमी
सूरत के टेक्सटाइल उद्योगों में मजदूरों के पलायन से कामगारों की कमी बढ़ गई है। मजदूर कमल पाल ने बताया कि मकान मालिकों ने लकड़ी से खाना बनाने पर भी रोक लगा दी है, जिससे हालात और कठिन हो गए हैं। मजदूरों का कहना है कि जैसे ही एलपीजी की आपूर्ति सामान्य होगी, वे वापस लौटेंगे। फिलहाल यह संकट उद्योगों और मजदूरों दोनों के लिए चुनौती बन चुका है।
