नई दिल्ली । भोजपुरी सुपरस्टार और उत्तर-पूर्वी दिल्ली से बीजेपी सांसद मनोज तिवारी के मुंबई स्थित आवास पर लाखों रुपये की चोरी का मामला सामने आया है। अंधेरी पश्चिम के पॉश इलाके शास्त्रीनगर स्थित ‘सुंदरबन अपार्टमेंट’ में हुई इस वारदात को किसी बाहरी अपराधी ने नहीं, बल्कि सांसद के ही एक पूर्व भरोसेमंद कर्मचारी ने अंजाम दिया। हालांकि, तकनीक और पुलिस की मुस्तैदी के चलते आरोपी अब सलाखों के पीछे है। साढ़े पांच लाख की चपत और शातिर साजिश अंबोली पुलिस के अनुसार, इस चोरी के पीछे सुरेंद्रकुमार दीनानाथ शर्मा नाम का शख्स शामिल है, जिसे करीब दो साल पहले नौकरी से निकाल दिया गया था।
आरोपी ने बेहद शातिर तरीके से घर, बेडरूम और अलमारी की ‘बनावटी चाबियां’ तैयार कर ली थीं। इसकी मदद से वह घर में दाखिल होता और किसी को भनक लगे बिना नकदी पर हाथ साफ कर देता था। सांसद के मैनेजर प्रमोद पांडेय की शिकायत के अनुसार, घर से कुल 5.40 लाख रुपये की चोरी हुई है। दो किस्तों में हुई चोरी, जून से दिसंबर तक का खेल चोरी का यह सिलसिला काफी समय से चल रहा था। जून 2025 में अलमारी से पहली बार 4.40 लाख रुपये गायब हुए थे। उस वक्त घर में कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं था, जिसके कारण चोर का पता नहीं चल सका। घर में बार-बार हो रही नकदी की कमी को देखते हुए मैनेजर ने दिसंबर 2025 में घर के अंदर सीसीटीवी कैमरे लगवाए।
मोबाइल अलर्ट ने पकड़वाया चोर चोर की किस्मत ने 15 जनवरी 2026 की रात को धोखा दे दिया। रात करीब 9 बजे जब आरोपी सुरेंद्रकुमार घर में घुसकर अलमारी से एक लाख रुपये निकाल रहा था, तभी मैनेजर प्रमोद पांडेय के मोबाइल पर सीसीटीवी का ‘मोशन अलर्ट’ मैसेज आया। सीसीटीवी फुटेज में पूर्व कर्मचारी को चोरी करते हुए साफ देखा गया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी फुटेज मिलते ही अंबोली पुलिस हरकत में आई और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने चोरी में इस्तेमाल की गई बनावटी चाबियां और सीसीटीवी फुटेज को साक्ष्य के तौर पर जब्त कर लिया है। फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और उससे पूछताछ की जा रही है कि क्या इस वारदात में कोई और भी उसके साथ शामिल था।
